
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और दुर्घटना के बाद त्वरित राहत सुनिश्चित करने को लेकर जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और उपचार व्यवस्था की समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने एनएचएआई के अधिकारियों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों की रियल टाइम फोटो, वीडियो फुटेज और स्थल की जानकारी जिला परिवहन पदाधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संबंधित वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उपायुक्त ने नो-पार्किंग वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने और वाहन चालकों व आम लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने को कहा। साथ ही, गश्ती दल को राष्ट्रीय राजमार्गों का नियमित निरीक्षण करने और शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
दुर्घटना स्थल पर तुरंत पहुंचेगी एम्बुलेंस और क्रेन
दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य में देरी नहीं हो, इसके लिए एनएचएआई अधिकारियों को एम्बुलेंस और क्रेन को तत्काल घटनास्थल पर भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी राष्ट्रीय राजमार्गों पर घायल लोगों को तत्काल चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके लिए ट्रॉमा सेंटर, अनुमंडल अस्पताल घाटशिला तथा बालीगुमा और बेलाजुड़ी पीएचसी में आवश्यक उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
तेज रफ्तार पर रोक के लिए स्पीड गन लगाने का निर्देश
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में तेज गति को देखते हुए स्पीड गन लगाने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है। उपायुक्त ने स्पीड गन जल्द स्थापित करने तथा प्रमुख स्थानों पर स्पीड लिमिट और सड़क सुरक्षा संबंधी स्लोगन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया।
वे-साइड एमेनिटीज और सड़क के गड्ढों की भी हुई समीक्षा
बैठक में वे-साइड एमेनिटीज की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि चोइरा में वे-साइड सुविधा का कार्य चल रहा है, जबकि दो अन्य स्थानों पर एजेंसियों के माध्यम से काम कराया जा रहा है। उपायुक्त ने सभी कार्यों में समयबद्धता सुनिश्चित करने को कहा।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर पॉट होल्स (सड़क के गड्ढों) को चिह्नित कर प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से ओडिशा जाने वाले मार्ग पर बहरागोड़ा ब्रिज के नीचे क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने को कहा गया, ताकि आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं की रोकथाम के साथ-साथ दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता भी उपलब्ध हो सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त अनुराग तिवारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, ट्रैफिक डीएसपी, एमवीआई, पथ निर्माण विभाग के अभियंता, स्वास्थ्य विभाग, एनएचएआई के पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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