
धनबाद: कैंसर और दिल की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब धनबाद के लोगों को कोलकाता, मुंबई, दिल्ली या जमशेदपुर नहीं जाना पड़ेगा। बीसीसीएल अपने सेंट्रल अस्पताल में इन बीमारियों का इलाज शुरू करने की तैयारी कर रहा है। अस्पताल में ऑन्कोलॉजी (कैंसर) और कार्डियोलॉजी (हृदय रोग) विभाग खोलने का फैसला लिया गया है।
अस्पताल को बेहतर बनाने के लिए बनीं दो कमेटियां
इस योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए बीसीसीएल प्रबंधन ने दो विशेष टीमें बनाई हैं। ये टीमें देश के सबसे बड़े और आधुनिक अस्पतालों का दौरा करेंगी। वहां जाकर वे डॉक्टरों की व्यवस्था, नई मशीनों, इलाज की तकनीक और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेंगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही सेंट्रल अस्पताल का कायाकल्प किया जाएगा।
दिसंबर तक सेवा शुरू करने का लक्ष्य
प्रबंधन का इरादा है कि इस साल कोल इंडिया के स्थापना दिवस (1 नवंबर) या फिर हर हाल में दिसंबर तक यह सुविधा चालू कर दी जाए। इसके बाद गंभीर मरीजों को शहर से बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी।
लाखों परिवारों को मिलेगा सीधा फायदा
इस नई सुविधा से बीसीसीएल के लगभग 28 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा। साथ ही 20 हजार से ज्यादा रिटायर्ड कर्मियों और उनके परिवारों को भी बेहतर इलाज मिलेगा।
अनुमान है कि इस फैसले से करीब 2 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे। इसके अलावा ठेका मजदूरों, स्थानीय लोगों और आईआईटी-आईएसएम, सिंफर व डीजीएमएस जैसे बड़े संस्थानों के कर्मचारियों को भी अब घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टर मिल सकेंगे।
अस्पताल को आधुनिक बनाना हमारी प्राथमिकता: सीएमडी
बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि कोयला कर्मियों और धनबाद के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्रबंधन की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि इसी मकसद से सेंट्रल अस्पताल को आधुनिक बनाया जा रहा है। कैंसर और हृदय रोग विभाग की शुरुआत इसी दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।
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