
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में धांधली की एक बड़ी साजिश की कहानी सामने आई है। सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर करोड़ों का खेल हुआ। सीआईडी की पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में पता चला है कि परीक्षार्थियों को पास कराने के नाम पर करीब 1.20 करोड़ रुपये की वसूली की गई थी।
ऐसे रचा गया पूरा सिंडिकेट
अधिकारियों, दलालों और एजेंटों ने मिलकर एक मजबूत सिंडिकेट बनाया था। इस गिरोह ने करीब 100 अभ्यर्थियों को गलत तरीके से पास कराने की साजिश रची। प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के लिए हर उम्मीदवार से 5-5 लाख रुपये वसूले गए। इसके बाद मुख्य परीक्षा में नकल कराने के लिए बाहर से प्रोफेसरों को बुलाया गया।
दिल्ली और लखनऊ से आई खास टीम
परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी के निदेशकों ने पूछताछ में बताया कि ओएमआर शीट (OMR Sheet) के साथ बड़ा खेल हुआ। अभ्यर्थियों की खाली ओएमआर शीट भरने के लिए खास तौर पर दिल्ली और लखनऊ से एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई थी। इतना ही नहीं, रांची और हजारीबाग के परीक्षा केंद्रों से मुख्य परीक्षा के प्रश्नपत्र बाहर भेजे गए और बाहर से ही उत्तर लिखवाए गए।
स्ट्रांग रूम से चोरी हुईं उत्तर पुस्तिकाएं
एजेंसी के एक कर्मचारी ने कबूल किया कि उसने खुद स्ट्रांग रूम से करीब 30 अभ्यर्थियों की कॉपी (उत्तर पुस्तिका) निकाली थी। बाहर एक्सपर्ट्स से सही उत्तर लिखवाने के बाद कॉपियों को चुपचाप वापस स्ट्रांग रूम में रख दिया गया।
बदली गईं कॉपियां, पास कराए गए लोग
एक अन्य आरोपी संजय ने बताया कि मुख्य परीक्षा में करीब 40 अभ्यर्थियों की कॉपियों में हेरफेर की गई। इनमें से 25 अभ्यर्थी एफआरओ और 15 अभ्यर्थी एसीएफ परीक्षा के थे। कॉपियां बदलकर इन्हें जबरन पास कराया गया। फिलहाल सीआईडी इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और कई बड़े नाम जल्द सामने आ सकते हैं।
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