
Jamshedpur : टाटा कमिंस के कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए लगातार तीसरे साल 20 प्रतिशत बोनस मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने वार्षिक परिचालन योजना (एओपी) के तहत निर्धारित उत्पादन लक्ष्य को पार कर लिया है। ऐसे में बोनस फॉर्मूले के आधार पर अधिकतम बोनस मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम निर्णय प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली वार्ता के बाद ही होगा।
बोनस का निर्धारण वर्ष 2022 में तत्कालीन यूनियन अध्यक्ष दीप्तेंदु चक्रवर्ती और उनकी टीम की ओर से तय किए गए फॉर्मूले के आधार पर किया जाना है। फॉर्मूले में कुल 20 अंक निर्धारित हैं। इनमें उत्पादन के लिए 9, मुनाफे के लिए 8 और बीआईएस (गुणवत्ता) के लिए 3 अंक शामिल हैं।
1.52 लाख इंजन उत्पादन का था लक्ष्य
पिछले बोनस समझौते के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के सामने 1,52,386 इंजन के उत्पादन, 603 करोड़ रुपये के मुनाफे और 550 पीपीएम बीआईएस का लक्ष्य रखा गया था। यूनियन सूत्रों के मुताबिक कंपनी उत्पादन के निर्धारित लक्ष्य को पार कर चुकी है। इससे कर्मचारियों को अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
पिछले साल 773 कर्मचारियों को मिला था 9.03 करोड़ का बोनस
पिछले वर्ष टाटा कमिंस के 773 कर्मचारियों के बीच 9.03 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित किए गए थे। उस समय अधिकतम बोनस 1,41,537 रुपये, न्यूनतम 74,968 रुपये और औसत बोनस 1,17,081 रुपये रहा था।
इस वर्ष भी कर्मचारियों की नजर बोनस समझौते पर है। उत्पादन लक्ष्य पूरा होने के बाद अब अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर बोनस की अंतिम गणना की जाएगी।
इसी सप्ताह होगी यूनियन की बैठक
बोनस को लेकर यूनियन की कमेटी मीटिंग होगी। बैठक में कमेटी सदस्य बोनस के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। प्रबंधन और यूनियन के बीच बातचीत के बाद ही इस वर्ष बोनस की अंतिम राशि और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

