
चाईबासा : सिक्किम के नामची जिले में बन रही NHPC तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की हेड रेस टनल (सुरंग) में हुए एक भीषण हादसे ने झारखंड के चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दर्दनाक दुर्घटना में जान गंवाने वालों में पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड स्थित केकुमसिंग मदुरा गांव के 50 वर्षीय मसीह बोरजो भी शामिल हैं। घटना के बाद से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
गैस रिसाव और विस्फोट बना हादसे का कारण
मिली जानकारी के मुताबिक, मसीह बोरजो पटेल कंस्ट्रक्शन कंपनी के जरिए सुरंग निर्माण के काम में तैनात थे। हादसा उस समय हुआ जब काम के दौरान सुरंग के अंदर अचानक गैस रिसाव के बाद जोरदार विस्फोट हो गया। इस हादसे में झारखंड के चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई—जिनमें दो खूंटी (रनिया प्रखंड), एक हजारीबाग और एक पश्चिमी सिंहभूम के मसीह बोरजो शामिल हैं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मसीह बोरजो अपने घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वे महज तीन महीने पहले ही मजदूरी करने सिक्किम गए थे। वहां उन्हें करीब 20 हजार रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जिससे उनके घर का चूल्हा जलता था। वे अपने पीछे पत्नी, दो बेटों और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का पीड़ित परिवार के घर सांत्वना देने के लिए तांता लगा हुआ है। मसीह बोरजो के भाई पार्थिव शरीर को वापस गांव लाने के लिए सिक्किम रवाना हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, सिक्किम सरकार से की बात
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सिक्किम के मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता कर पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाने की अपील की है। झारखंड सरकार का माइग्रेंट सेल और कंट्रोल रूम लगातार सिक्किम प्रशासन के संपर्क में है, ताकि सभी कागजी प्रक्रियाओं और शवों को वापस लाने में तेजी लाई जा सके।
ग्रामीणों ने की मुआवजे और नौकरी की मांग
केकुमसिंग मदुरा गांव के निवासियों ने सरकार से मांग की है कि
* मसीह बोरजो के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द सम्मानपूर्वक पैतृक गांव पहुंचाया जाए।
* पीड़ित परिवार को उचित और पर्याप्त सरकारी आर्थिक सहायता दी जाए।
* परिवार के भरण-पोषण के लिए आश्रित सदस्य को सरकारी या उपयुक्त रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

