जमशेदपुर : सरकारी स्कूलों में प्रोजेक्ट रेल के तहत इस वर्ष कुल 9 परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। सामान्यतः सितंबर और मार्च में अर्द्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षाएं होती हैं, लेकिन अब हर महीने मूल्यांकन होगा। प्रत्येक मासिक परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी अलग-अलग जिलों के डायट को दी गई है।
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने सत्र 2026-27 के लिए कई बदलाव किए हैं। अब छात्रों को प्रश्नपत्र के साथ उत्तर कुंजिका भी दी जाएगी। परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों प्रकार के प्रश्न होंगे। सिलेबस की निगरानी राज्य स्तर पर की जाएगी और ये परीक्षाएं सभी सरकारी स्कूलों के साथ स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में भी लागू होंगी।
कब-कब हाेंगी प्राेजेक्ट रेल की परीक्षाएं
4-5 मई, 15-16 जून, 6-7 जुलाई, 3-4 अगस्त, 5-6अक्टूबर, 2-3 नवंबर, 7-8 दिसंबर, 11-12 जनवरी और 1-2 फरवरी काे प्राेजेक्ट रेल की मासिक परीक्षाएं हाेंगी। एसए-वन (अर्द्धवार्षिक) सितंबर और एसए-टू (वार्षिक) की परीक्षा मार्च में हाेगी। अंतिम रिजल्ट सभी प्राेजेक्ट रेल की परीक्षाएं, एसए-वन और एसए-टू की परीक्षाओ में मिले अंकाें के आधार पर बनता है।
परीक्षा में अब 20 अंकाें के पूछे जाएंगे प्रश्न
सरकारी स्कूलों में हो रही परीक्षाओं में सत्र 2024-25 तक केवल ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते थे, जिससे छात्रों की लिखने की क्षमता प्रभावित हो रही थी। इसे देखते हुए सत्र 2025-26 से 5 सब्जेक्टिव (विषयनिष्ठ) प्रश्न जोड़े गए हैं। इसके साथ ही शिक्षकों को अपने पढ़ाए गए पाठ और गतिविधियों की जानकारी जे-गुरूजी एप में दर्ज करनी होगी। इसकी पुष्टि संबंधित शिक्षक करेंगे और हर महीने प्रधानाध्यापक द्वारा सत्यापन किया जाएगा। पहले प्रोजेक्ट रेल में प्रश्नपत्र 10 अंकों का होता था, जिसे सत्र 2026-27 से बढ़ाकर 20 अंक कर दिया गया है। इसके अनुसार छात्रों को अब बेहतर तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
कक्षा 1 की हाेगी केवल लिखित परीक्षा
सत्र 2026-27 में प्रोजेक्ट रेल के तहत कक्षावार परीक्षा पैटर्न स्पष्ट कर दिया गया है। कक्षा 1 के लिए केवल मौखिक परीक्षा होगी, जबकि कक्षा 2 में मौखिक और लिखित दोनों परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं में फाउंडेशनल लिट्रेसी एंड न्यूमेरिसी (एफएलएन) से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे। कक्षा 3 से 12 तक प्रत्येक विषय में कुल 10 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें 5 ऑब्जेक्टिव और 5 सब्जेक्टिव होंगे। हर विषय के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं और परीक्षा की अवधि 1 घंटा तय की गई है। विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजिका पूरी तरह त्रुटिरहित हों, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया निष्पक्ष और प्रभावी बन सके।

