चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा कोषागार से पुलिस विभाग के खाते से 45 लाख रुपये की अवैध निकासी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुफस्सिल थाना में चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मुख्य आरोपी सिपाही देव नारायण मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया गया है और तीन पर मामला दर्ज है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी बिल, जाली दस्तावेज और फर्जी हस्ताक्षर के जरिए कई किस्तों में करीब 45 लाख रुपये निकाल लिए। मुख्य आरोपी आरक्षी (सिपाही) देव नारायण मुर्मू ने निकासी की गई राशि अपने परिजनों के खातों में भी ट्रांसफर की। कोषागार में तैनात दो अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत भी उजागर हुई है।
नियमित ऑडिट के दौरान खातों का मिलान करते समय गड़बड़ी का खुलासा हुआ। मामले की जानकारी उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू को दी गई। इसके बाद तीन दिन की गहन जांच में पूरे घोटाले का पर्दाफाश हुआ। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने बताया कि प्रथम दृष्टया एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और तीन लोगों पर मामला दर्ज है। पुलिस बाकी राशि की बरामदगी और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश में जुटी है।
यहां बता दें कि झारखंड में हजारीबाग और बोकारो के बाद अब चाईबासा में कोषागार से विभागीय मिलीभगत से 45 लाख से अधिक की अवैध निकासी का मामला सामने आने से जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल हैं और पैसा कहां-कहां भेजा गया।

