Jamshedpur : The Photon News Exclusive : जमशेदपुर में इन दिनों भाजपा के जिला संगठन में भारी बवाल मचा हुआ है। बवाल की जड़ में बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष की कुर्सी है। आरोप लगाया जा रहा है कि पार्टी के कई सक्रिय सदस्यों को दरकिनार करते हुए गैर-सक्रिय सदस्य को बागबेड़ा मंडल का अध्यक्ष बना दिया गया है जो नियम संगत नहीं है। बताया जा रहा है कि भाजपा के पार्टी संविधान के अनुसार मंडल की समिति में वही नेता चुना जा सकता है जो पार्टी का सक्रिय सदस्य हो। इस मामले में भाजपा के बागबेड़ा मंडल के कई नेताओं ने जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा से मामले की शिकायत कर जांच की मांग की है। यही नहीं, इसकी शिकायत प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और प्रदेश के संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह से भी कर दी गई है।
मामला उजागर होने के बाद भाजपा की जिला इकाई में उबाल
यह मामला उजागर होने के बाद भाजपा की जिला इकाई में उबाल आ गया है। कहा जा रहा है कि इस मामले में फौरन कार्रवाई की मांग की जा रही है। जिन लोगों ने मामले की शिकायत की है वह इसे तूल देने का मन बना रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष और संगठन मंत्री से भी सीधे संपर्क साधने की तैयारी चल रही है। इस मुद्दे को लेकर जमशेदपुर के कई भाजपा नेता लामबंद हो रहे हैं। माना जा रहा है कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में भाजपा की जिला इकाई के गले की फांस बन सकता है।
Bagbera Mandal President : भाजपा के मंडल अध्यक्ष पद के ये थे दावेदार
गौरतलब है कि बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष के पद के तकरीबन नौ लोग दावेदार थे। इनमें निवर्तमान मंडल अध्यक्ष अश्विनी तिवारी के अलावा, रमेश सिंह, मनोज सिंह, सूरज ओझा, राजकमल यादव, गणेश विश्वकर्मा, मुकेश सिंह, विमलेश उपाध्याय, राकेश चौबे आदि शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई लोग मंडल अध्यक्ष पद की दावेदारी की लिस्ट से इसीलिए बाहर कर दिए गए क्योंकि उनका नाम सक्रिय सदस्य की सूची में नहीं था। सूत्रों की मानें तो जब राकेश चौबे की इस पद पर तैनाती हुई तो पार्टी के कई नेताओं ने इसका विरोध कर दिया। मामले का विरोध करने वाले बागबेड़ा के नेताओं का कहना है कि उन्होंने पार्टी के लिए काफी मेहनत की, मगर ऐन वक्त पर उनकी अनदेखी कर दी गई।
कई नेताओं का कहना है कि जब कुछ लोगों को सक्रिय सदस्य नहीं होने की बात कह कर मंडल अध्यक्ष नहीं बनाया था, तो अब ऐसे नेता को यह पद क्यों दिया गया जो सक्रिय सदस्य नहीं है।
Jamshedpur Politics : पहले आजसू में थे राकेश चौबे
कहा जा रहा है कि राकेश चौबे पहले आजसू में थे। तकरीबन पांच साल पहले उन्होंने भाजपा ज्वाइन की थी। यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा आलाकमान का निर्देश है कि दूसरी पार्टी से आए नेता को संगठन के पद पर नहीं रखा जाए। गौरतलब है कि भाजपा के मंडल के चुनाव में इस बार काफी आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला था। अपनी पसंद के नेता को मंडल का अध्यक्ष बनाने के लिए रस्साकशी हुई थी।
यह पार्टी का अंदरूनी और कॉन्फिडेंशियल मामला है। इस पर हम आपको कोई जानकारी नहीं दे सकते। हम किसे मंडल अध्यक्ष बनाते हैं, यह हमारा मैटर है। इस मामले में हम प्रदेश इकाई को जवाब देंगे।
-संजीव सिन्हा, जिलाध्यक्ष, भाजपा- जमशेदपुर महानगर

