Jamshedpur : टाटा स्टील ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना समेकित शुद्ध मुनाफा 243 प्रतिशत बढ़ाकर 10,886 करोड़ रुपये कर लिया है। कंपनी के भारतीय कारोबार में भी जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया, जहां 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 16,133 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।
मजबूत वित्तीय नतीजों के बाद कंपनी ने अपने निवेशकों को प्रति शेयर चार रुपये डिविडेंड देने की घोषणा की है।मुंबई में शुक्रवार को आयोजित निदेशक मंडल की बैठक में कंपनी के वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। पूरे साल में कंपनी का कुल राजस्व 2.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि केवल भारतीय बाजार से 1.40 लाख करोड़ रुपये की आय हुई। जनवरी से मार्च तिमाही के दौरान कंपनी का कुल कारोबार 63,270 करोड़ रुपये रहा, जिसमें भारतीय बाजार की हिस्सेदारी 38,654 करोड़ रुपये रही।
कंपनी के एमडी और सीईओ टीवी नरेंद्रन ने कहा कि टाटा स्टील भारत की विकास यात्रा में लगातार निवेश कर रही है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात के कारण लागत और सप्लाई चेन पर कुछ दबाव जरूर है, लेकिन कंपनी संभावित जोखिमों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।टाटा स्टील ने इस दौरान उत्पादन और बिक्री में भी नया रिकॉर्ड बनाया।
कंपनी ने बीते साल 23.4 मिलियन टन इस्पात का उत्पादन किया, जबकि 22.5 मिलियन टन इस्पात की बिक्री की गई। कंपनी के अनुसार ट्यूब, टिनप्लेट और वायर जैसे डाउनस्ट्रीम उत्पादों की भारी मांग के कारण यह वृद्धि संभव हो सकी।कंपनी ने कारोबार विस्तार और आधुनिकीकरण पर भी बड़ा निवेश किया है।
नीलाचल इस्पात में 4.8 मिलियन टन क्षमता विस्तार और लुधियाना में नए प्लांट के लिए 3,200 करोड़ रुपये निवेश किए गए। पूरे वित्त वर्ष में मशीनों के आधुनिकीकरण और विस्तार पर 14,026 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इसके साथ ही कंपनी ने 2,285 करोड़ रुपये का पुराना कर्ज भी चुकाया, जिससे कुल कर्ज घटकर 80,144 करोड़ रुपये रह गया है।टाटा स्टील के बोर्ड ने एक रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 400 प्रतिशत यानी चार रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है। 12 जून 2026 तक जिन निवेशकों के पास कंपनी के शेयर होंगे, वे इस लाभांश के पात्र होंगे। पिछले साल कंपनी ने 3.60 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड दिया था।

