Jamshedpur : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले का खुलासा होने से हड़कंप मच गया। कलेक्ट्रेट के पास फोटोकॉपी और दस्तावेज तैयार करने की आड़ में चल रही एक दुकान पर स्थानीय अधिवक्ताओं ने छापेमारी की। इस दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज और मुहरें बरामद होने की बात सामने आई है। शनिवार को मामले की जांच की जा रही है।
एफिडेविट में गड़बड़ी के बाद हुआ शक
बताया जा रहा है एक व्यक्ति के पास मौजूद शपथ पत्र और अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद अधिवक्ताओं को शक हुआ। इसके बाद वकीलों का एक समूह संबंधित दुकान तक पहुंचा और वहां रखे दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच में कथित तौर पर फर्जी एफिडेविट, जाली हस्ताक्षर और नकली मुहरों के इस्तेमाल का मामला सामने आया।
दुकान से मिलीं फर्जी मुहरें
छापेमारी के दौरान दुकान से कई संदिग्ध मुहरें, पहले से तैयार शपथ पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह फर्जीवाड़ा लंबे समय से संगठित तरीके से चल रहा था और बड़ी संख्या में लोगों को कानूनी दस्तावेजों के नाम पर गुमराह किए जाने की आशंका है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने का यह कारोबार डीसी कार्यालय, एसएसपी कार्यालय और जिला परिवहन कार्यालय के बेहद करीब संचालित हो रहा था। इसे लेकर प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।अधिवक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इसके साथ ही जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से आसपास संचालित अन्य संदिग्ध दुकानों की भी जांच कराने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में कितने लोग शामिल हैं तथा अब तक कितने नकली दस्तावेज तैयार किए गए हैं। पुलिस को भी घटना की सूचना दी गई है।

