Chaibasa : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लालकिला मैदान में 24 और 25 मई को दो दिवसीय जनजाति सांस्कृतिक समागम का आयोजन होगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल होंगे। देश भर से लाखों की संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग इस समागम में हिस्सा लेंगे। इसी क्रम में पश्चिमी सिंहभूम जिले से करीब 200 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। जनजाति सुरक्षा मंच और जनजाति जागृति समिति की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में आदिवासियों की आस्था, संस्कृति, परंपरा और रूढ़िगत व्यवस्था की रक्षा के उपायों पर मंथन किया जाएगा। पूरे झारखंड से भी बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं।
चाईबासा से रवाना होने से पहले जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक मनोज लेयांगी और सह संयोजक हरिचरण सांडिल ने प्रेस वार्ता की।
जनजातियों के आरक्षण पर डाला जा रहा डाका
उन्होंने कहा कि आजादी के 78 साल बाद भी जनजातीय समुदाय को उनका पूरा हक और अधिकार नहीं मिल पा रहा है। जनजातियों को मिलने वाले आरक्षण पर डाका डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग धर्मांतरण कर दूसरे धर्म में चले गए हैं और जनजातीय परंपरा व मान्यताओं को नहीं मानते, वे भी जनजाति को मिलने वाले आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। ऐसे लोग जनजातीय समाज के अधिकार छीन रहे हैं।
संविधान में दी गई व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने का बनाया जाएगा दबाव
समागम के जरिए केंद्र सरकार से जनजातीय हक और अधिकार सुरक्षित करने की मांग रखी जाएगी।
संयोजकों ने कहा कि संविधान में दी गई व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने के लिए दबाव बनाया जाएगा। समागम में देशभर के जनजातीय प्रतिनिधि एक मंच पर जुटकर अपनी समस्याएं और समाधान सरकार के सामने रखेंगे। इसका उद्देश्य जनजातीय अस्मिता, संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है।

