Jamshedpur : जमशेदपुर के एकमात्र सरकारी अस्पताल एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आदित्यपुर के गम्हरिया निवासी एक परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उनके 13 वर्षीय बेटे को मधुमेह की बीमारी के कारण तबीयत बिगड़ने पर एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।मृतक के स्वजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। उनका कहना है कि बच्चे की मौत के बाद उन्हें शव को वार्ड से बाहर ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं कराया गया।
परिजन अस्पताल के विभिन्न विभागों में स्ट्रेचर की तलाश करते रहे, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली।परिजनों के मुताबिक, अस्पताल कर्मी उन्हें एक विभाग से दूसरे विभाग भेजते रहे। काफी प्रयास के बावजूद जब स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं हो सकी, तो मजबूर होकर परिवार के सदस्यों को बच्चे के शव को गोद में उठाकर अस्पताल से बाहर लाना पड़ा। इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से शव वाहन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण उन्हें निजी साधन से शव को घर ले जाना पड़ा।
घटना के बाद परिजनों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा गया। इस मामले ने एक बार फिर एमजीएम अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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