चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांड़रासाली ओपी थाना क्षेत्र में एक पोक्सो एक्ट के आरोपी की पुलिस हिरासत में पिटाई का मामला सामने आया है। आरोपी की मां सुकरमनी ईचागुटू ने मुफ्फसिल थाना प्रभारी को आवेदन देकर थाना के बड़े बाबू और पुलिस बल पर बेटे को नुकीले हथियार से मारकर बुरी तरह जख्मी करने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मां का आरोप: थाने में की गई बेरहमी से पिटाई
मुफस्सिल थाना अंतर्गत भौया ग्राम निवासी 60 वर्षीय सुकरमनी ईचागुटू ने अपने आवेदन में कहा है कि 16 जून 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे पांड़रासाली ओपी के छोटा बाबू और पुलिस बल उनके बेटे कांडेराम ईचागुटू को एक केस में उठाकर थाने ले गए। दोपहर करीब 2:30 बजे बड़ा बाबू और तीन-चार पुलिसकर्मी हाजत में घुस गए और बेटे की खूब पिटाई की।
नुकीली वस्तु से मारने का लगाया आरोप
कांडेराम की मां का आरोप है कि बड़ा बाबू और एक पुलिसकर्मी ने नुकीले वस्तु से कांडेराम के पेट पर कई वार किए। बेटे ने चिल्लाकर कहा, “मम्मी मुझे बचाओ, नहीं तो ये लोग मुझे जान से मार देंगे।” जब पुलिस उसे बाहर लाई तो वह लहूलुहान था। परिजनों ने उसका फोटो और वीडियो बनाया।
आरोपी को सदर अस्पताल ले गई पुलिस
बेटे ने बताया कि पुलिस वाले गाली देते हुए नुकीले हथियार से पेट में वार कर रहे थे। करीब 3:30 बजे पुलिस उसे सदर अस्पताल चाईबासा ले गई। मां का कहना है कि वह हमला करने वाले सभी पुलिसकर्मियों को पहचान लेंगी।
एसडीपीओ ने कहा- खुद को मारकर किया घायल
इधर, चाईबासा सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बहमान टुटी ने कहा कि आरोपी कांडेराम ईचागुटू पोक्सो एक्ट का आरोपी है। पुलिस उसे घर से पकड़कर लाई थी। थाना में पूछताछ के दौरान जेल जाने के डर से आरोपी ने पेपर में छेद करने वाले लोहे से अपने पेट में ही वार कर लिया, ताकि पुलिस उसे छोड़ दे।
हालत गंभीर, एमजीएम किया गया रेफर
एसडीपीओ ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उसे सदर अस्पताल भेजा गया, जहां से हालत नाजुक होने पर एमजीएम रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है। एसडीपीओ ने कहा कि परिजन जो आरोप लगा रहे हैं, वे बेबुनियाद हैं। पुलिस ने उसे नहीं मारा है, आरोपी खुद ही अपने पेट में वार कर घायल हुआ है।

