
रांची : झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। मतदान से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के खेमे में भारी हलचल देखने को मिली। रांची के होटल रेडिसन ब्लू में ठहरे एनडीए विधायकों ने अपनी एकजुटता दिखाई और जीत के लिए रणनीति बनाई। इस दौरान विधायकों के लिए एक खास ट्रेनिंग सेशन रखा गया, जिसमें उन्हें वोट डालने का तरीका सिखाया गया।
गलतियों से बचने के लिए किया ‘मॉक पोल’
चुनाव में कोई गलती न हो, इसके लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की देखरेख में ‘मॉक पोल’कराया गया। इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य नए विधायकों को राज्यसभा चुनाव की तकनीकी प्रक्रियाओं और बैलेट पेपर (मतपत्र) के सही इस्तेमाल की जानकारी देना था। नेताओं का कहना था कि एक-एक वोट कीमती है, इसलिए वोटिंग के दौरान किसी भी तरह की मानवीय भूल की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए। ट्रेनिंग के बाद सभी विधायक गठबंधन के उम्मीदवार की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिखे।
कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा फर्क
बैठक के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने विपक्षी दल कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस हम पर ‘होटल पॉलिटिक्स’ करने का आरोप लगा रही है, उसे पहले खुद गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस के विधायक खुद बीएनआर होटल में क्यों डेरा डाले हुए हैं? कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा फर्क रहता है।
जीत का दावा और ‘अंतरात्मा की आवाज’
आदित्य साहू ने दावा किया कि एनडीए के सभी विधायक चट्टान की तरह एकजुट हैं और वे गठबंधन के प्रत्याशी परिमल नाथवानी को भारी मतों से जिताने जा रहे हैं। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए यह भी कहा कि विपक्ष के कुछ विधायक भी देशहित और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस द्वारा झारखंड से बाहर के नेताओं (प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी श्रीवेल्ला प्रसाद) को पोलिंग एजेंट बनाए जाने पर भी तंज कसा। पूछा कि क्या कांग्रेस को अपने राज्य के स्थानीय नेताओं पर भरोसा नहीं रह गया है?
दिग्गजों का लगा रहा जमावड़ा
होटल में हुई इस अहम बैठक में बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन और जदयू विधायक सरयू राय समेत बीजेपी और आजसू के तमाम बड़े चेहरे मौजूद रहे। चुनाव को लेकर दोनों ही गठबंधनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और अब सबकी नजरें कल होने वाले मतदान पर टिकी हैं।

