
चाईबासा : सारंडा के घने जंगलों में वर्षों से पनप रहे अवैध शराब कारोबार पर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। नशा मुक्त अभियान के तहत किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टाटिबा गांव के पास पहाड़ी-जंगली इलाके में छापेमारी कर 2 से 3 अवैध महुआ शराब भट्ठियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टाटिबा के आसपास जंगलों में बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब बनाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत टीम बनाकर क्षेत्र में सघन छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर प्लास्टिक ड्रमों में जावा महुआ तैयार कर शराब बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने मौके पर मिले जावा महुआ को नष्ट कर दिया। शराब बनाने में इस्तेमाल हो रहे प्लास्टिक ड्रम, बर्तन, चूल्हे और अन्य सामान को भी तोड़ दिया गया।
फरार कारोबारियों की गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी
पुलिस की अचानक दबिश से अवैध कारोबारी जंगल का फायदा उठाकर भागने में तो सफल रहे, लेकिन अपना सामान नहीं बचा सके। पुलिस का दावा है कि फरार कारोबारियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय शराब माफियाओं में खलबली मच गई है।
जंगल से काटकर लाई गई लकड़ियों का बड़ा जखीरा भी बरामद
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक इस ध्वस्तीकरण से माफियाओं को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने भट्ठियों के पास जंगल से काटकर लाई गई लकड़ियों का बड़ा जखीरा भी बरामद किया, जिसका उपयोग शराब पकाने में हो रहा था। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इन लकड़ियों को भी पुलिस ने नष्ट कर दिया।
पुलिस की सख्ती से अवैध कारोबार पर लगेगी लगाम
ग्रामीणों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की। लोगों का कहना है कि अवैध शराब का धंधा युवाओं को नशे की लत में धकेल रहा था और गांव का सामाजिक माहौल खराब कर रहा था। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस की सख्ती से इस अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब निर्माण न सिर्फ कानून का उल्लंघन है, बल्कि सारंडा के वन और पर्यावरण के लिए भी खतरा है। पुलिस ने कहा कि नशा मुक्त अभियान के तहत अवैध शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

