Home » Plus Two Schools in Jharkhand : झारखंड में शिक्षा विस्तार की बड़ी पहल, 765 स्कूल बनेंगे प्लस टू विद्यालय

Plus Two Schools in Jharkhand : झारखंड में शिक्षा विस्तार की बड़ी पहल, 765 स्कूल बनेंगे प्लस टू विद्यालय

सीएम ने प्रस्ताव पर दी स्वीकृति

by Nikhil Kumar
Plus Two Schools in Jharkhand
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची:  झारखंड के दूरदराज और शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत राज्य के 765 विद्यालयों को प्लस टू स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा। इनमें 449 उच्च विद्यालय और 316 मध्य विद्यालय शामिल हैं। सरकार की योजना है कि चयनित स्कूलों में अगले शैक्षणिक सत्र से 11वीं और 12वीं कक्षाओं की पढ़ाई शुरू कर दी जाए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शिक्षा विभाग की प्रस्ताव पर अपनी स्वीकृति दी है

जानकारी के अनुसार

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने जिलों से प्रस्ताव मंगाए थे, जिसके तहत 3334 विद्यालयों के नाम भेजे गए। इनमें से उन विद्यालयों का चयन किया गया जहां कम से कम एक एकड़ भूमि उपलब्ध है और आसपास प्लस टू शिक्षा की सुविधा नहीं है। पंचायतों, शहरी वार्डों और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों के विद्यालयों को प्राथमिकता दी गई है ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

सरकार के अनुसार राज्य में प्राथमिक और मध्य विद्यालयों की संख्या पर्याप्त है, लेकिन माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यालयों की कमी के कारण बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। प्रति एक लाख आबादी पर जहां 106 प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय हैं, वहीं हाईस्कूल और प्लस टू विद्यालयों की संख्या मात्र आठ है। नई शिक्षा नीति के तहत प्रत्येक हाईस्कूल में कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई सुनिश्चित करने के लक्ष्य को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

अपग्रेड किए जाने वाले विद्यालयों में पंचायत क्षेत्रों के 361 उच्च विद्यालय और 295 मध्य विद्यालय शामिल हैं। वहीं नगर निकाय क्षेत्रों के 53 उच्च विद्यालय और 41 मध्य विद्यालयों को भी प्लस टू स्तर तक विकसित किया जाएगा। दुर्गम इलाकों के 15 उच्च विद्यालयों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक स्कूल में प्रधानाध्यापक सहित शिक्षकों के 12 पद सृजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों की संख्या और विषयवार आवश्यकता के अनुसार 13 और शिक्षकों के पद भी बनाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी।

Read Also- Ranchi News : रांची में ACB के विशेष लोक अभियोजक विनीत वशिष्ठ की कार में टक्कर, हत्या की साजिश की आशंका

Related Articles

Leave a Comment