Home » Jharkhand Politics: पलामू में भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस,आपातकाल को बताया काला अध्याय

Jharkhand Politics: पलामू में भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस,आपातकाल को बताया काला अध्याय

पलामू में भाजपा नेताओं ने 1975 में लगी इमरजेंसी को याद करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया।

by Kanchan Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

पलामू : देश में आपातकाल लागू होने के 51 साल पूरे हो गए हैं। मौके पर शनिवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी ने ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। मेदिनीनगर के दीनदयाल सभागार में प्रदेश भाजपा के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगा। नेताओं ने 1975 में लगी इमरजेंसी को याद करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। नेताओं ने इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताया।

​कांग्रेस ने संविधान को पहुंचाई चोट : आदित्य साहू

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लगाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं और हमारे संवैधानिक अधिकारों को पूरी तरह कुचल दिया गया था। कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आज संविधान बचाने की दुहाई देते हैं, उन्हें अपना इतिहास देखना चाहिए। कांग्रेस का इतिहास संविधान को खत्म करने की कोशिशों से भरा पड़ा है।

​आदित्य साहू ने याद दिलाया कि उस दौर में लोकतंत्र की रक्षा करने वाले नेताओं और आम लोगों को ‘मीसा’कानून के तहत जबरन जेलों में डाल दिया गया था और उन पर भारी अत्याचार किए गए। इसके विपरीत, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पिछले 12 वर्षों से बिना किसी भेदभाव के गांव, गरीब, किसान, महिलाओं और युवाओं के विकास के लिए काम कर रही है।

​स्वार्थ की राजनीति से हुआ देश का नुकसान

​झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि आपातकाल भारतीय राजनीति का वो दाग है जिसे कभी धोया नहीं जा सकता। उस समय देश के ताने-बाने को बहुत नुकसान पहुंचाया गया था, जिसका जवाब बाद में देश की जनता ने अपने वोट की ताकत से दिया। उन्होंने नेताओं को नसीहत दी कि स्वार्थ की राजनीति हमेशा देश और समाज को पीछे धकेलती है।

​वहीं, पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि इमरजेंसी के दौरान बिना किसी गलती के लोगों को सलाखों के पीछे डाल दिया गया था, जिससे देश का कानून-व्यवस्था से भरोसा उठने लगा था। प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने कहा कि आपातकाल का वो दर्दनाक दौर आज भी लोगों के जेहन में ताजा है।

मीसा बंदियों ने साझा किया जेल का दर्द

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि आपातकाल के दौरान जेल जा चुके ‘मीसा बंदी’ तारकेश्वर आजाद और रविशंकर पांडे भी इसमें शामिल हुए। उन्होंने मंच से उस दौर की अपनी आपबीती और जेल की प्रताड़नाओं के अनुभव साझा किए, जिसे सुनकर हॉल में मौजूद लोग भावुक हो गए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने की। मंच संचालन विजय ठाकुर ने किया। मौके पर पांकी विधायक शशिभूषण मेहता, मेयर अरुण शंकर, पूर्व मंत्री कमलेश सिंह, मनोज सिंह और श्याम नारायण दुबे समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

Read Also: *Chaibasa News: सेल सीएमडी डॉ. ए.के. पंडा ने झारखंड-ओडिशा की खदानों का किया दौरा, सुरक्षा को बताया पहली प्राथमिकता*

Related Articles

Leave a Comment