
Jamshedpur : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जमशेदपुर महानगर ने शनिवार को 1975 में लगाए गए आपातकाल की याद में संविधान हत्या दिवस मनाया। बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन के मानस सभागार में आयोजित संगोष्ठी में नेताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने की।
संगोष्ठी के मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रदीप वर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल संविधान की आत्मा को बंदी बनाने जैसा था। उन्होंने कहा कि 21 महीने तक देश में नागरिकों के मौलिक अधिकार सीमित रहे, प्रेस पर सेंसरशिप लागू रही और विरोध की आवाज उठाने वालों को मीसा एवं डीआईआर जैसे कानूनों के तहत जेल भेजा गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला बताया।
कार्यक्रम में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि नई पीढ़ी को आपातकाल के दौर की वास्तविकता से अवगत कराना जरूरी है। उनके अनुसार उस समय लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित कर दी गई और विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेकर लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस दौरान आपातकाल के समय जेल में रहे लोकतंत्र सेनानी ब्रह्मदेव नारायण शर्मा, दिनेश मंडल, ललन सिंह और दयाशंकर पांडेय को अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत लोकनायक जयप्रकाश नारायण के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। साथ ही आपातकाल पर आधारित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया गया।
प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह ने भी आपातकाल को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए कठिन दौर बताते हुए कहा कि उस समय आम जनता को व्यापक स्तर पर प्रताड़ना झेलनी पड़ी। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी उपस्थित रहे।
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