
चाईबासा : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के माध्यम से गरीब लाभुकों के बीच कीड़े युक्त और एक्सपायरी चना दाल बांटे जाने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं अब इस पर सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है।
गरीबों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ : सांसद प्रदीप वर्मा
इस गंभीर लापरवाही पर संज्ञान लेते हुए राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला है। सांसद ने इस कुप्रबंधन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे गरीबों के जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ करार दिया है। उन्होंने राज्य की वर्तमान शासन व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में पिछले सात वर्षों से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली हेमंत सोरेन की सरकार चल रही है। लेकिन जनहित के कार्य करने के बजाय हर तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। सरकारी तंत्र में ‘ट्रेजरी से चोरी’ जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं और पूरा मैकेनिज्म भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने में लगा है। प्रशासन में हर स्तर पर बैठे लोग गरीबों के हक को मार रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और राज्य सरकार ला एंड ऑर्डर के मामले में पूरी तरह फेल है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सरकार इस पर तुरंत संज्ञान ले और दोषी सप्लायर के लाइसेंस को रद्द कर कार्रवाई करें।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, जांच की मांग
यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब जिले के कई क्षेत्रों में राशन दुकानों से कार्डधारियों को जो चना दाल वितरित की गई, उसके पैकेटों पर दर्ज एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी और उसमें रेंगते हुए कीड़े साफ देखे जा सकते थे। स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक और घटिया राशन देखकर स्थानीय ग्रामीणों और कार्डधारियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सांसद प्रदीप वर्मा ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस घटिया राशन वितरण के लिए जिम्मेदार PDS डीलरों और संबंधित अधिकारियों को तुरंत चिह्नित किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि गरीबों के निवाले से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद ने इस पूरे घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

