Home » Jamshedpur DD Bar Murder Case: हिमांशु सिंह हत्याकांड में SIT की बड़ी कार्रवाई, दो किशोर पकड़े गए

Jamshedpur DD Bar Murder Case: हिमांशु सिंह हत्याकांड में SIT की बड़ी कार्रवाई, दो किशोर पकड़े गए

पहले दो आरोपी और एक किशोर को भेजा जा चुका है जेल

by Mujtaba Haider Rizvi
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jamshedpur : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी (डबल डाउन) बार में हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गठित विशेष अनुसंधान दल (एसआइटी) ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में संलिप्त तीन विधि-विरुद्ध बालकों को भी निरुद्ध किया गया है। दो किशोरों को गुरुवार को पकड़ा गया है।

पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड समेत अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे डीडी बार के अंदर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह का विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा, सोनु राम सरदार और उनके साथियों से विवाद हुआ था। शुरुआती स्तर पर मामला शांत करा दिया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद विश्वनाथ लोहरा ने अपने गांव से अन्य साथियों को बुला लिया।

कुछ ही देर बाद हथियारों से लैस आरोपी मौके पर पहुंचे और पूर्व नियोजित तरीके से हिमांशु सिंह तथा प्रत्युष सिंह पर हमला कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में हुए इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) भेजा गया, जहां उपचार के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई।

पीड़ित पक्ष की शिकायत पर बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 84/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मानवीय सूचना और अन्य सबूतों के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया।

जांच के दौरान 28 जून को सोनु राम सरदार उर्फ सोनु मंडल और राज लोहार को गिरफ्तार किया गया। घटना में घायल सोनु का इलाज पहले टीएमएच और बाद में एमजीएम अस्पताल में कराया गया। वहीं राज लोहार को घटना में प्रयुक्त एक छोटी कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

एसआईटी ने घटनास्थल से रक्त के नमूने, रक्तरंजित चप्पल, आरोपियों की मोटरसाइकिल, सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जब्त किया है। इसके अलावा हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह के रक्तरंजित कपड़े भी अस्पताल से जब्त किए गए हैं। राज लोहार के घटना के समय पहने हुए रक्तरंजित कपड़ों को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया है।

तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर 30 जून को एक तथा 2 जुलाई को दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया। पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपी गिरफ्तारी के डर से झारखंड छोड़कर दूसरे राज्यों में छिपे हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा पहुंचाई, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की तथा पुलिस अभिरक्षा में लिए गए एक आरोपी को छुड़ाकर फरार करा दिया। इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने सहित अन्य धाराओं में अलग से मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने इस मामले में तीन मोटरसाइकिलों समेत घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, रक्त के नमूने, रक्तरंजित कपड़े, चप्पल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जब्त कर वैज्ञानिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

Read also – Jamshedpur DD Bar Murder : जमशेदपुर में पब-बारों के लाइसेंस की होगी जांच, ADG ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

Related Articles

Leave a Comment