Home » West Singhbhum Crime : खुदपोस के गंगा महिला स्वयं सहायता समूह के खाते से बैंक दीदी ने निकाल लिए ₹2.26 लाख, महिलाओं को दिया चेक हुआ बाउंस

West Singhbhum Crime : खुदपोस के गंगा महिला स्वयं सहायता समूह के खाते से बैंक दीदी ने निकाल लिए ₹2.26 लाख, महिलाओं को दिया चेक हुआ बाउंस

West Singhbhum Crime : महिलाओं ने पुलिस से की मामले में कार्रवाई की मांग

by Rajeshwar Pandey
West Singhbhum Bank Didi Fraud
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Chaibasa : पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना अंतर्गत खुदपोस गांव में संचालित ‘गंगा महिला स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं से ₹2 लाख 26 हजार की कथित ठगी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। समूह की महिलाओं का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके बैंक खाते से दो अलग-अलग तारीखों में अवैध रूप से बड़ी राशि की निकासी कर ली गई। इस घटना को लेकर पीड़ित महिलाओं ने मामले की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और अपनी राशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

बैंक पहुंचने पर हुआ मामले का खुलासा

समूह की सदस्यों के अनुसार, करीब आठ दिन पहले जब उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी, तो वे बैंक से ऋण (लोन) की राशि निकालने पहुंची थीं। वहां बैंक प्रबंधक (Branch Manager) ने उन्हें बताया कि समूह के खाते से पहले ही दो बार में कुल ₹2,26,000 निकाले जा चुके हैं। बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक, पहली निकासी 18 अप्रैल 2022 को ₹96,000 की और दूसरी निकासी 1 फरवरी 2024 को ₹1,30,000 की गई थी। यह सुनते ही समूह की महिलाएं अवाक रह गईं।

‘बैंक दीदी’ पर लगा राशि गायब करने का आरोप

खाते से पैसे गायब होने की जानकारी मिलते ही समूह की अध्यक्ष मंदाकिनी देवी ने अपने दामाद को मामले की छानबीन के लिए कहा। बैंक से मिली जानकारी के आधार पर इस ठगी का आरोप सुबानी तिग्गा नामक महिला पर लगा है, जो जेएसएलपीएस (JSLPS) की ‘बैंक दीदी’ के रूप में कार्यरत बताई जाती हैं।
इसके बाद समूह की सभी महिलाएं शिकायत लेकर मनोहरपुर स्थित जेएसएलपीएस कार्यालय पहुंचीं और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM) को मामले से अवगत कराया। हालांकि, महिलाओं का दावा है कि बीपीएम ने उन्हें सीधे सुबानी तिग्गा से ही बात करने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया।

छह महीने तक टालमटोल के बाद दिया बाउंस चेक!

पीड़ित महिलाएं जब आरोपी सुबानी तिग्गा के घर पहुंचीं, तो उसने कथित तौर पर पैसे निकालने की बात स्वीकार की और जल्द ही पूरी राशि लौटाने का भरोसा दिया। महिलाओं का आरोप है कि करीब छह महीने तक लगातार टालमटोल करने के बाद सुबानी ने उन्हें ₹2 लाख 60 हजार का एक चेक थमा दिया। समूह ने जब उस चेक को बैंक में जमा कराया, तो वह क्लियर नहीं हुआ और राशि खाते में नहीं आई। महिलाओं ने बताया कि वर्तमान में उनके समूह के खाते में केवल ₹5 शेष बचे हैं।

बैंक की कार्यप्रणाली पर भी उठे गंभीर सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने बैंक की सुरक्षा और कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। महिला समूह का कहना है कि उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके खाते से कब, कैसे और किसके हस्ताक्षरों के आधार पर इतनी बड़ी रकम निकाल ली गई। महिलाओं ने सवाल उठाया है कि समूह के अधिकृत सदस्यों (Authorized Signatories) की अनुपस्थिति और वेरिफिकेशन के बिना बैंक ने इतनी बड़ी राशि किसी अन्य को कैसे सौंप दी?

स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मनोहरपुर प्रखंड में इस तरह से महिला समूहों के खातों से पैसे गायब होने के और भी कई मामलों की चर्चाएं हैं। फिलहाल, गंगा महिला स्वयं सहायता समूह की पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ अविलंब कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है।

Read Also: West Singhbhum News : दुबिल माइंस के आंदोलनरत ग्रामीणों से मिली सांसद जोबा माझी, समाधान का दिया आश्वासन

Related Articles

Leave a Comment