
RANCHI: झारखंड में ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े कथित धमकी प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा सवाल उठाया है। बीजेपी प्रवक्ता अजय शाह ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि इंजीनियरों को डराने-धमकाने वाले बबलू मिश्रा की भूमिका संदिग्ध है और उसे किसी प्रभावशाली संरक्षण का लाभ मिल रहा है। भाजपा ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
पूरे नेटवर्क का हो खुलासा
अजय साह ने कहा कि बबलू मिश्रा पर सरकारी इंजीनियरों को गाली-गलौज करने, अपमानित करने और अपने पसंदीदा ठेकेदारों को काम दिलाने का गंभीर आरोप है। उन्होंने मांग की कि मामले की तह तक जाने के लिए बबलू मिश्रा, उसके परिवार, स्टाफ और निजी सहायक (पीए) के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाए। साथ ही ग्रामीण विकास कार्यालय में उसकी आवाजाही से जुड़े सीसीटीवी फुटेज की भी जांच होनी चाहिए ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
पत्र भेजने के बाद भी कार्रवाई नहीं
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चीफ इंजीनियर, अभियंता प्रमुख और विभागीय सचिव को भेजे गए पत्र पर 11 दिनों तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। भाजपा का आरोप है कि बाबूलाल मरांडी द्वारा मामला उठाए जाने के बाद ही अधिकारी सक्रिय हुए, वह भी निष्पक्ष जांच के बजाय लीपापोती के उद्देश्य से। भाजपा ने संबंधित पत्र की फॉरेंसिक जांच कराने की भी मांग की है, ताकि उसकी सत्यता स्पष्ट हो सके। अजय साह ने आरोप लगाया कि जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन सरकार में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम और नेता आलमगीर आलम जैसे मामलों से यह स्पष्ट होता है कि गंभीर आरोपों के बावजूद लोगों को संरक्षण मिलता रहा है।

