
रांची: राजधानी रांची की सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाते समय अगर आप ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं,तो सावधान हो जाइए। शहर की ट्रैफिक पुलिस नियमों का पालन कराने के लिए इन दिनों बेहद सख्त है। इसी सख्ती का नतीजा है कि अकेले जून महीने में ही पुलिस ने नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 1,24,144 वाहन चालकों पर कार्रवाई की है। इस पूरे अभियान के दौरान कुल 9.50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।
ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाना है। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को जागरूक करने के लिए कई अभियान चलाए गए थे। लेकिन अब लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सीधे एक्शन लिया जा रहा है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों और व्यस्त सड़कों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है।
सबसे ज्यादा चालान बिना हेलमेट पर
पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा लापरवाही बिना हेलमेट के बाइक या स्कूटी चलाने वालों ने दिखाई। ऐसे 58,743 लोगों का चालान काटा गया। इसके बाद दूसरे नंबर पर सबसे बड़ी समस्या गलत जगह पर गाड़ी खड़ी करने (अवैध पार्किंग) की रही, जिसके कारण 50,500 चालकों पर कार्रवाई हुई।
इसके अलावा अन्य प्रमुख नियमों को तोड़ने के मामले भी सामने आए हैं। रेड लाइट जंप करना: 4,612 मामले, ओवरस्पीड: 2,118 मामले,ट्रिपल लोडिंग (बाइक पर तीन लोग): 1,359 मामले,,नो-एंट्री में घुसना: 1,312 मामले,गलत दिशा में गाड़ी चलाना: 866 मामले।
लाइसेंस रद्द करने की तैयारी
सिर्फ चालान ही नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही बरतने वालों पर पुलिस ने और भी सख्त कदम उठाए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले 765 लोगों का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, 831 बड़े मामलों को सीधे कोर्ट (न्यायालय) भेज दिया गया है। इसके अलावा बिना सीट बेल्ट, बिना इंश्योरेंस या प्रदूषण सर्टिफिकेट, शराब पीकर गाड़ी चलाने और मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है।
सुरक्षित सफर के लिए नियमों को मानें
ट्रैफिक एसपी ने साफ कर दिया है कि यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल जरूर करें। लाल बत्ती का सम्मान करें, गाड़ी तय रफ्तार में चलाएं और कहीं भी सड़क किनारे गाड़ी खड़ी न करें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।

