
जमशेदपुर : पुलिस ने डबल डाउन बार एंड कैफे के मालिक नीरज सिंह के घर पर पुलिस ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि घर पर आरोपी भाजपा नेता नीरज सिंह नहीं मिला है। पुलिस ने पूरा घर छान मारा है। पुलिस ने नीरज सिंह के घर से दो लग्जरी वाहन बरामद किए हैं। इनमें एक डिफेंडर और दूसरी किआ कार है। छापेमारी की यह कार्रवाई एडीजी मनोज कौशिक के निर्देश पर डीएसपी दयानंद के नेतृत्व में हुई है। छापेमारी में बिष्टुपुर थाने के प्रभारी निरंजन कुमार भी थे। दोनों जब्त कारों को बिष्टुपुर लाया गया है।

हिमांशु का पार्वती घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

हिमांशु की अंतिम यात्रा
बिष्टुपुर में डबल डाउन बार के सामने हत्या की घटना में मारे गए हिमांशु सिंह का बुधवार की शाम पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में लोगों की काफी भीड़ उमड़ी। अंतिम संस्कार में हर वर्ग के लोग शामिल थे। दूसरी तरफ, जमशेदपुर पुलिस ने सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के धातकीडीह के रहने वाले मुख्य हत्यारोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा पर दो लाख का इनाम घोषित कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई से कम हुआ परिजनों का आक्रोश, पत्नी को मिलेगी सरकारी नौकरी
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से परिजनों का आक्रोश कम हो गया है। बुधवार को तकरीबन पौने पांच बजे परिजनों और प्रशासन के बीच समझौता हो गया। डीसी सरायकेला नीतीश कुमार ने परिजनों से कहा है कि हिमांशु सिंह की पत्नी को रकारी नौकरी दी जाएगी। उनकी तरफ से इस आशय का एक ऑफर लेटर हिमांशु की पत्नी को सौंप दिया गया है। पुलिस की तरफ से कहा गया है कि अब तक चार हत्यारोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य हत्यारोपी की गिरफ्तारी के लिए उस पर दो लाख रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
अंतिम संस्कार के लिए परिजन हुए तैयार
अब परिजन हिमांशु का अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गए हैं। इसके बाद परिजन हिमांशु का शव लेने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। डीसी राजीव रंजन भी पोस्टमार्टम हाउस आए। यहां से शव लेकर परिजन सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर के हरिओम नगर टीपी सिंह बिल्डिंग पहुंच गए हैं।
गौरतलब है कि परिजनों की मांग थी कि हिमांशु की पत्नी को परमानेंट सरकारी नौकरी दी जाए, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो और मुख्य हत्यारोपी का एनकाउंटर हो तभी शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। बुधवार को तकरीबन दो बजे सिटी एसपी और अन्य पुलिस अधिकारी हिमांशु के घर पहुंचे और अंतिम संस्कार के मुद्दे पर बात करनी चाही। इस पर पहले तो परिजनों से नोंक झोंक हुई थी। मगर बाद में दोनों तरफ से बातचीत हुई। हिमांशु के परिजनों ने बताया कि प्रशासन संविदा पर नौकरी देने को तैयार है, मगर परिजन सरकारी नौकरी पर अड़े हुए थे।
बिना परिजनों को बताए हुआ शव का पोस्टमार्टम
दूसरी तरफ, बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए चर्चित हत्याकांड में घायल हिमांशु सिंह की मौत के बाद बुधवार तड़के उसके शव का पोस्टमार्टम कराए जाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में सुबह करीब तीन बजे पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मृतक के परिजनों की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उन्हें समय रहते पर्याप्त सूचना नहीं दी गई, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए तत्काल कार्रवाई आवश्यक थी। गौरतलब है कि 27 जून को बिष्टुपुर के डबल डाउन बार के सामने पुलिस की मौजूदगी में हिमांशु सिंह पर कातिलाना हमला था। बाद में टीएमएच में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। हिमांशु का साथी प्रत्यूष अब भी कोलकाता के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।
डीडी बार हत्याकांड में देर रात कराया गया पोस्टमार्टम
जानकारी के अनुसार, हिमांशु सिंह के शव को मंगलवार देर रात टाटा मुख्य अस्पताल से कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच करीब ढाई बजे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह लाया गया। इसके बाद चिकित्सकों की टीम ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए रात करीब तीन बजे पोस्टमार्टम पूरा किया। पोस्टमार्टम के बाद शव को सुरक्षित रूप से पोस्टमार्टम गृह में ही रखा गया।
प्रशासन का कहना है कि शहर में बनी संवेदनशील स्थिति और संभावित तनाव को देखते हुए पोस्टमार्टम में देरी करना उचित नहीं था। इसी कारण सक्षम अधिकारियों की निगरानी में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
परिजनों ने सूचना नहीं मिलने का लगाया आरोप
मृतक के परिजन ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि परिवार के किसी सदस्य की मौजूदगी के बिना यह महत्वपूर्ण कानूनी कार्रवाई पूरी कर दी गई। उनका कहना है कि यदि समय पर सूचना दी जाती तो परिवार का कोई सदस्य अस्पताल पहुंच सकता था। परिजनों ने इसे अपनी भावनाओं के साथ जुड़ा विषय बताते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का दिया हवाला
जिला प्रशासन का पक्ष है कि शहर में घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से देर रात ही पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया गया। अधिकारियों के अनुसार पूरी कार्रवाई विधि सम्मत तरीके से और निर्धारित नियमों के अनुरूप कराई गई।
पोस्टमार्टम से पहले परिजनों ने रखी थी यह मांग
हिमांशु सिंह के परिजन पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि जब तक मुख्य आरोपित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई नहीं होती और सभी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे शव का पोस्टमार्टम नहीं कराएंगे। परिजनों की मांग थी कि मुख्य आरोपित के विरुद्ध सख्त कदम उठाया जाए। इसके बावजूद प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम पूरा करा दिया।
वहीं, दूसरी ओर पुलिस द्वारा कई बार बुलाने के बावजूद परिजन पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद भी शव वहीं रखा गया है, क्योंकि परिजनों ने उसे लेने से इनकार कर दिया है। परिवार और करनी सेना का कहना है कि जब तक मुख्य आरोपी का एनकाउंटर नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
डीडी बार हत्याकांड में अब तक क्या कार्रवाई हुई
बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह ने सोमवार देर शाम इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। उनकी मौत के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल बन गया। मामले में पुलिस अब तक दो आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, लापरवाही के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक को भी उनके पद से हटा दिया गया है। पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

