
Jamshedpur news : प्रो राघव आलोक बहुआयामी व्यक्तित्व के साथ सम्पूर्ण क्रान्ति के आन्दोलनकारी थे। उनके अन्दर कहानी का जबरदस्त स्पार्क था। यह बातें सोमवार को सिंहभूम जिला भोजपुरी परिषद की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कथाकार जयनन्दन ने राघव आलोक की स्मृति में आयोजित समारोह में कही। गोलमुरी भोजपुरी भवन में हुई इस समारोह की अध्यक्षता अरविंद विद्रोही ने की। अरविंद विद्रोही ने प्रो आलोक को विशुद्ध सामाजिक सांस्कृतिक एकटिविस्ट बताया और सम्मानित कथाकार कृपा शंकर को बधाई दिया। डां सुधीर सुमन ने आलोक की पत्रिका ‘दस्तक’ के आदिवासी अंक की प्रशंसा की और कृपाशंकर ने उन्हें एक सरस लेखक बताया। सम्मानित लेखक कृपाशंकर ने कहा कि वे साहित्यिक चिट्ठियां, पत्रिका व लेखन से जुड़े रहे। राघव आलोक को उन्होंने परिवार का सदस्य कहा। प्राचार्य डां अशोक अविचल ने प्रो राघव आलोक की संवेदनशीलता को स्मरण किया और उनकी कहानी का मैथिली में अनुवाद का प्रसंग बताया। द्वितीय सत्र में कैलाश गाजीपुरी, शकुन्तला शर्मा, वीणा भारती, शिल्पी झा, शोभा किरण, शैलेंद्र अस्थाना एवं अन्य ने लोक भाषा में कविताएं पढ़ी जो काफी सराही गयी। इस अवसर पर बलविंदर सिंह, हरिहर राय चौहान, द्वारिका पांडे, मिथिलेश तिवारी, राजेश देश प्रेमी, अजय मेहताब, राजदेव सिन्हा, अशोक शुभदर्शी, रेखा दास समेत काफी संख्या में रचनाकार उपस्थित थे। समारोह का संचालन डा उदय हयात, स्वागत भाषण अनिरुद्ध त्रिपाठी एवं कवि चन्द्रकान्त ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

