
Jamshedpur :अगले पांच वर्षों में टाटा मोटर्स और JLR अपने ऑटो कारोबार पर 2.6 लाख करोड़ का निवेश करेंगे। यह निवेश इलेक्ट्रिक वाहनों, नई तकनीकों, उत्पादन क्षमता विस्तार और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स के विकास को गति देने पर केंद्रित होगा।
टाटा मोटर्स (Tata Motors) और उसकी लग्जरी वाहन इकाई जगुआर लैंड रोवर (JLR) अगले पांच वर्षों में अपने ऑटोमोबाइल कारोबार पर लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। यह जानकारी टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) के दौरान शेयरधारकों को दी।
यह निवेश योजना इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), नई वाहन तकनीकों, उत्पादन क्षमता विस्तार और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम पर केंद्रित होगी। हालांकि, कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में लागत में बढ़ोतरी और मार्जिन पर दबाव जैसी चुनौतियां बनी रह सकती हैं।
पांच वर्षों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का होगा पूंजीगत निवेश
भारत में टाटा मोटर्स अगले पांच वर्षों में करीब 40,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश (Capex) करेगी। इस राशि का उपयोग नए उत्पादों के विकास, इलेक्ट्रिफिकेशन, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और यात्री व कमर्शियल वाहनों के लिए नई तकनीकों को अपनाने में किया जाएगा।
पैसेंजर व्हीकल बिजनेस में कंपनी का लक्ष्य अपनी बाजार हिस्सेदारी को 20% तक पहुंचाना है। इसके लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने, छह नए मॉडल लॉन्च करने और मौजूदा मॉडलों के कई अपडेट पेश करने की योजना है। वहीं, कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में निवेश का उपयोग ट्रक और बसों के लिए नए प्लेटफॉर्म, स्वच्छ पावरट्रेन और विभिन्न उपयोगों के अनुरूप तकनीकी समाधानों के विकास में किया जाएगा, ताकि लाभप्रदता और रिटर्न में सुधार जारी रखा जा सके।
JLR अगले पांच वर्षों में करेगी लगभग 20 अरब पाउंड (करीब 2.2 लाख करोड़) का निवेश
दूसरी ओर JLR अगले पांच वर्षों में लगभग 20 अरब पाउंड (करीब 2.2 लाख करोड़) का निवेश करेगी। यह निवेश कंपनी की “Reimagine” रणनीति के तहत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और आधुनिक लग्जरी वाहनों के विकास को गति देने के लिए किया जाएगा। इस निवेश के तहत JLR अपने संयंत्रों को इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन के लिए तैयार करेगी, मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम और पेंट शॉप्स को अपग्रेड करेगी तथा Range Rover और Jaguar ब्रांड के नए इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च करेगी।इसके अलावा, कंपनी Software Defined Vehicles (SDVs), कनेक्टेड कार तकनीक और Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में भी निवेश करेगी, जो भविष्य के प्रीमियम वाहनों का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही हैं।
एन. चंद्रशेखरन ने कहा कि यह निवेश योजना अल्पकालिक लागत दबावों के बावजूद समूह की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य 2030 के दशक की शुरुआत तक भारत और वैश्विक बाजारों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी, इलेक्ट्रिक और तकनीक-संचालित वाहन पोर्टफोलियो तैयार करना है। यह रणनीति नियंत्रित निवेश, बेहतर नकदी प्रवाह और स्थायी विकास पर आधारित होगी।
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