
खूंटी : हे भगवान! इस सड़क से गुजरनेवालों की तुमही रक्षा करना। साथ ही सरकार के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ऐसी सद्बुद्धि दें कि वह इस जानलेवा बनी सड़क की मरम्मत करा दे। ताकि हम ग्रामीणों को कुछ राहत मिल सके।
खूंटी जिले के बिचना-बांधटोली के ग्रामीण वर्षों से जानलेवा बन चुकी जर्जर सड़क सड़क की मरम्मत नहीं होने से परेशान हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाई। लेकिन किसी ने नहीं सुनी। फिर गुरुवार को ग्रामीणों ने यह अनोखा रास्ता अपनाया।
ग्रामीण पूजा की थाली, अगरबत्ती, फूल, प्रसाद और जल लेकर बांधटोली मोड़ पहुंचे। पाहन रॉकन और पंडित छत्रपाल नाथ कर ने विधि-विधान से सिंडबोंगा और ग्राम देवताओं की पूजा कर सड़क की मरम्मत जल्द कराने की कामना की। ग्रामीणों ने बताया कि एक वर्ष से वे लगातार आवेदन दे रहे हैं और अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं। सड़क की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। ऐसे में ग्रामसभा ने निर्णय लिया कि अब भगवान की शरण में ही गुहार लगाई जाए।
करीब 5.5 किलोमीटर लंबी जर्जर सड़क में गड्ढों की संख्या एवं गहराई बढ़ती ही जा रही है। अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अब ऊपर वाला पर ही भरोसा रह गया है। ग्रामसभा ने भी तय किया कि जब इंसानी दरबार में सुनवाई नहीं हो रही, तो अब भगवान की अदालत में ही याचिका दायर की जाए।
पेलौल के पास बनई नदी का पुल टूटने के बाद यह ग्रामीण सड़क वैकल्पिक मार्ग बन गई। भारी वाहनों की आवाजाही ने सड़क को इस कदर तोड़ दिया कि अब जगह-जगह दो-तीन फीट गहरे गड्ढे हैं।
बरसात में ये गड्ढे सड़क कम और छोटे-छोटे तालाब ज्यादा नजर आते हैं। ग्रामीण कहते हैं कि रोजाना दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक सभी परेशान हैं।
ग्रामीणों ने सिर्फ शिकायत ही नहीं की, बल्कि कई जगह श्रमदान कर सड़क भरने की कोशिश भी की। मगर यह कोशिश भी उसी तरह बह गई, जैसे बारिश में सड़क का अलकतरा बह गया।
इससे पहले मुरहू प्रखंड जे सांडीगांव के ग्रामीणों ने भी सड़क निर्माण के लिए पूजा-पाठ की थी। इस पूजा में पंचायत समिति सदस्य रोशन लाल गौंझू, ग्रामप्रधान फागू मुंडा, सचिव प्रसुन्न कुमार मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
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