
रांची : शुक्रवार को मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में जमकर राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 8,399.31 करोड़ रुपये का पहला अनुपूरक बजट पटल पर रखा।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी विधायक जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर आक्रामक नजर आए। वे जमकर नारेबाजी करने लगे।
लेकिन उनके हंगामे और कड़े विरोध के बावजूद वित्त मंत्री ने बजट पेश किया। वहीं कई बजटीय समितियों की रिपोर्ट भी सदन में सौंपी गई।
लगातार शोर-शराबे को देखते हुए अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कार्यवाही सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए रोक दी। सरकार का कहना है कि बजट पास होने से पहले सदन में इस पर अलग से विस्तार से चर्चा कराई जाएगी। जबकि विपक्ष जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर लामबंद था।
सरकार हर वित्तीय वर्ष में मूल बजट के अलावा जरूरत के अनुसार अनुपूरक बजट पेश करती है। इसमें उन योजनाओं और मदों के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाती है, जहां पहले से स्वीकृत बजट पर्याप्त नहीं होता। इसके अलावा वित्तीय वर्ष के दौरान सामने आने वाली नई योजनाओं और अतिरिक्त आवश्यकताओं के लिए भी अनुपूरक बजट के माध्यम से राशि की व्यवस्था की जाती है।
ग्रामीण रोजगार और आजीविका योजना के लिए विशेष प्रावधान
अनुपूरक बजट में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष वित्तीय प्रावधान किए जाने की संभावना है। केंद्र सरकार की नई ग्रामीण रोजगार और आजीविका व्यवस्था के अनुरूप राज्य में इस योजना को लागू करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत बताई जा रही है।
इसी आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने अनुपूरक बजट में इस योजना के लिए अलग से राशि रखने की तैयारी की है। योजना के लिए होने वाला वित्तीय प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण हो सकता है।
विकास योजनाओं और नई परियोजनाओं के लिए भी राशि
करीब 6,500 करोड़ रुपये के प्रस्तावित अनुपूरक बजट में केवल ग्रामीण रोजगार योजना ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को भी शामिल किया जाएगा। चालू विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराने के साथ नई परियोजनाओं के लिए भी वित्तीय प्रावधान किया जा सकता है।
मूल बजट में जिन योजनाओं के लिए स्वीकृत राशि खर्च या जरूरत के हिसाब से कम पड़ रही है, उनके लिए अनुपूरक बजट से अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वित्तीय वर्ष के दौरान योजनाओं के क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने में सरकार को मदद मिलेगी।
अनुपूरक बजट पर आज होगी चर्चा
विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश होने के बाद सदस्यों की ओर से इस पर चर्चा की जाएगी। चर्चा के दौरान अलग-अलग विभागों और योजनाओं के लिए प्रस्तावित अतिरिक्त राशि पर सरकार का पक्ष सामने आएगा। इसके बाद अनुपूरक बजट को सदन से पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

