
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा रद्द करने तथा पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग पर अड़े छात्रों के आंदोलन के 22वें दिन राजधानी रांची में स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शनिवार को निकाली जा रही विशाल तिरंगा यात्रा में शामिल होने से रोके जाने पर सदर अस्पताल के आइसीयू के बाहर छात्र नेता और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई।
पिछले 13 दिनों से अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को प्रशासन ने उनकी बिगड़ती सेहत का हवाला देते हुए अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। अस्पताल परिसर में चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है।
छात्रों ने पूछा-क्या तिरंगा फहराना भी अपराध
अस्पताल में रोके जाने से नाराज छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने प्रशासनिक रोक पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा- मैं प्रशासन को लिखकर देने को तैयार था कि यात्रा के दौरान अगर मेरी तबीयत बिगड़ती है तो अस्पताल प्रशासन जिम्मेदार नहीं होगा।इसके बावजूद मुझे बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुझे ध्वजारोहण से रोका जा रहा है, क्या यही आज के दौर की आजादी है?
आंदोलन अब रुकने वाला नहीं

उधर, पलामू से इस यात्रा में शामिल होने पहुंचे छात्र नीरज कुमार ने साफ किया कि आंदोलन अब रुकने वाला नहीं है। हमारी सिर्फ एक मांग है कि परीक्षा रद्द हो और पूरी धांधली की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए। जब तक सरकार हमारी बात नहीं मानती, यह लड़ाई जारी रहेगी
यात्रा में शामिल छात्रा आशा और कोरल भगत ने भी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों की मांगें हर हाल में माननी ही होंगी।
300 मीटर लंबे राष्ट्रीय ध्वज के साथ यात्रा
अस्पताल में तनाव के बीच जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुई छात्रों की विशाल तिरंगा यात्रा कचहरी मार्ग तक पहुंच गई। करीब एक हजार से अधिक छात्रों का समूह 300 मीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज लेकर सड़कों पर उतरा।
व्हीलचेयर पर अनशनकारी
भूख हड़ताल पर बैठे पांचों अनशनकारी छात्र व्हीलचेयर पर बैठकर यात्रा का नेतृत्व करते दिखे, जबकि बाकी छात्र उनके पीछे ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे।
इससे पहले शुक्रवार को भी छात्रों ने अल्बर्ट एक्का चौक पर विरोध प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार के मंत्रियों सुदिव्य कुमार सोनू, डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, दीपिका पांडेय सिंह और कर्मचारी चयन आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता का पुतला फूंका था।
फिलहाल शहर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है और पुलिस प्रशासन आंदोलनकारी छात्रों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।


