
रांची : झारखंड में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की भर्ती प्रक्रिया रोकने के सरकारी आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वे अपनी याचिका की एक प्रति झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) को सौंपें।
जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 अगस्त की तारीख तय की है। यह पूरा विवाद APP रेगुलर (विज्ञापन 6/2025) और बैकलॉग (विज्ञापन 5/2025) भर्ती परीक्षाओं को रोकने से जुड़ा है, जिसके खिलाफ आलोक रंजन, आदित्य भास्कर, आनंद सिंह और अनिरुद्ध ओझा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मामले से जुड़े अन्य अहम बिंदु
इसी मुद्दे पर सत्यांशु शुभम की ओर से दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फिलहाल भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने से मना कर दिया।
सरकार से जवाब तलब
अदालत ने JPSC और राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। राज्य सरकार ने CID जांच की रिपोर्ट के आधार पर 18 अगस्त को उन सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया था जिनमें टीडीएल एजेंसी शामिल थी। साथ ही 2014 के बाद की नियुक्तियों में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए जांच के आदेश दिए थे।
विभाग का फैसला
कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर 22 परीक्षाओं को रद्द, 6 की प्रक्रिया को स्थगित और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखा है।

