
रांची : मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी बनाने के मुद्दे पर अब झारखंड की राजधानी रांची में वैश्विक मंथन होगा। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से पहली बार रांची में इस विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन 2 और 3 सितंबर को नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल) परिसर में होगा। सम्मेलन में देश और विभिन्न लोकतांत्रिक देशों के चुनाव प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ, शिक्षाविद, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि और निर्वाचन संबंधी मास्टर ट्रेनर शामिल होंगे। दो दिनों तक मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची की शुद्धता और निर्वाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और सुझाव साझा करेंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार सम्मेलन की शुरुआत 2 सितंबर को सुबह 10 बजे होगी और इसका समापन 3 सितंबर को शाम 4 बजे होगा। सम्मेलन में अलग-अलग देशों और भारत के शैक्षणिक संस्थानों के अनुभवों पर चर्चा कर भविष्य के लिए सुझाव तैयार किए जाएंगे।
15 सत्र, 59 रिसर्च पेपर पर होगी चर्चा
दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 15 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे। मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न विषयों पर अब तक 59 रिसर्च पेपर प्राप्त हुए हैं। विशेषज्ञ इन शोध पत्रों और अपने अनुभवों के आधार पर निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
सम्मेलन में होने वाले विचार-विमर्श के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट भविष्य में मतदाता पंजीकरण और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया को और बेहतर बनाने में सहायक होगी। सम्मेलन के लिए आईआईएम रांची, एनयूएसआरएल रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। राजधानी में पहली बार इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन को निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

