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Inspire Award : पूर्वी सिंहभूम में रजिस्ट्रेशन की सुस्त रफ्तार पर शिक्षा विभाग सख्त, निजी स्कूलों को शो कॉज की चेतावनी, अब तक सिर्फ 680 छात्रों का ही हुआ है रजिस्ट्रेशन

Inspire Award : इंस्पायर अवार्ड भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) द्वारा संचालित एक फ्लैगशिप योजना है।

by Anurag Ranjan
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जमशेदपुर : स्कूली छात्रों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘इंस्पायर अवार्ड मानक योजना’ के तहत सत्र 2024-25 (या वर्तमान सत्र) के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है, लेकिन पूर्वी सिंहभूम जिले में अब तक के आंकड़े बेहद निराशाजनक हैं। जिले से अब तक केवल 689 विद्यार्थियों का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 1700 के पार थी।

छात्रों की कम भागीदारी को देखते हुए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अंतिम तिथि से पहले शत-प्रतिशत स्कूलों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कराया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना में रुचि न लेने वाले और छात्रों का नामांकन न कराने वाले विद्यालयों को कारण बताओ (शो कॉज) नोटिस जारी किया जाएगा।

समीक्षा में यह बात भी सामने आई है कि निजी स्कूल इस योजना को लेकर पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं और सबसे कम आवेदन इन्हीं स्कूलों से दर्ज किए गए हैं। वहीं जिला स्तर पर शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्यों से अपील की है कि वे समय रहते बच्चों के मौलिक विचारों को ई-मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कराएं नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्या है इंस्पायर अवार्ड मानक योजना?

इंस्पायर अवार्ड भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) द्वारा संचालित एक फ्लैगशिप योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य देश भर के स्कूली बच्चों में रचनात्मकता, मौलिक सोच और विज्ञान के प्रति रुचि जगाना है, ताकि वे दैनिक जीवन की समस्याओं का तकनीकी व नवाचारी समाधान खोज सकें।

छात्रों को क्या होगा फायदा

10,000 रुपये की आर्थिक सहायता: चयनित विद्यार्थियों के बैंक खाते में डीबीटी के जरिए 10,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भेजी जाती है, जिससे वे अपने आइडिया का प्रोटोटाइप या विज्ञान मॉडल तैयार कर सकें।

  • प्रतियोगिता और मंच: छात्र जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनियों में हिस्सा लेते हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान: राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए श्रेष्ठ 60 मॉडलों को ‘फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन’ (राष्ट्रपति भवन) में प्रदर्शित करने का मौका मिलता है और उत्कृष्ट बाल वैज्ञानिकों को विदेश में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान मंचों पर जाने का अवसर भी प्रदान किया जाता है।

कौन से छात्र हैं योग्य

  • कक्षा 6वीं से 10वीं तक के विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र हैं।
  • छात्र की आयु सामान्यतः 10 से 15 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

किसी भी मान्यता प्राप्त सरकारी, सहायता प्राप्त या निजी स्कूल के छात्र अपने विद्यालय के माध्यम से ऑनलाइन नामांकन करा सकते हैं। प्रत्येक स्कूल अधिकतम 5 सर्वश्रेष्ठ मौलिक आइडिया भेज सकता है।

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