
Jamshedpur : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो को लोकसभा में उत्कृष्ट और प्रभावी प्रदर्शन के लिए एक बार फिर प्रतिष्ठित ‘संसद रत्न पुरस्कार 2026’ से नवाजा गया है। यह लगातार पांचवां मौका है जब उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया है। नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के ‘भीम हॉल’ में आयोजित भव्य समारोह के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने उन्हें यह पुरस्कार सौंपा।
कार्यक्रम में केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई ने मुख्य वक्ता के रूप में विचार रखे। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के पूर्व अध्यक्ष हंसराज अहीर ने की।
संसद रत्न 2026 की प्रमुख विशेषताएं
कलाम साहब की प्रेरणा: पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के सुझाव पर स्थापित यह पुरस्कार प्राइम पॉइंट फाउंडेशन द्वारा सांसदों के विधायी कार्यों, बहसों और संसदीय सक्रियता के आधार पर प्रदान किया जाता है।
सम्मानित सांसद: इस वर्ष कुल 10 लोकसभा सांसदों, 2 राज्यसभा सांसदों तथा 4 संसदीय स्थायी समितियों को बजट सत्र तक के प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया।
अन्य पुरस्कृत सांसद: जगदंबिका पाल, पी. पी. चौधरी, निशिकांत दुबे, डॉ. एकनाथ शिंदे, प्रवीण पटेल, लुम्बा राम चौधरी, हेमंत विष्णु सवरा, स्मिता उदय वाघ, नरेश गणपत म्हस्के, मेधा विश्राम कुलकर्णी और नरहरि अमीन।
सम्मान लक्ष्य नहीं, जनता की आवाज उठाना प्राथमिकता
लगातार 5वीं बार सम्मान मिलने पर सांसद विद्युत वरण महतो ने इसे जमशेदपुर की जनता को समर्पित करते हुए कहा कि वे किसी पुरस्कार की उम्मीद में काम नहीं करते। उनका प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र, राज्य और देशहित से जुड़े हर छोटे-बड़े मुद्दे को सदन में मजबूती से उठाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। जनता ने जिस भरोसे के साथ उन्हें चुनकर संसद भेजा है, उस विश्वास पर खरा उतरना और अंतिम व्यक्ति की आवाज सदन तक पहुंचाना ही उनका एकमात्र संकल्प है।

