
रांची : झारखंड में मांस और मांस उत्पादों के कारोबार को अब मनमाने ढंग से संचालित करना आसान नहीं होगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने मांस एवं मांस उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण और बिक्री से जुड़े कारोबार के लिए वर्ष 2026 की नई नगर निकाय नियमावली अधिसूचित कर दी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद जारी नियमावली के तहत नगर निकाय क्षेत्र में बूचड़खाना, पशु वध स्थल, मांस प्रसंस्करण इकाई या मांस की दुकान संचालित करने से पहले स्थानीय निकाय से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। एनओसी के बिना खाद्य कारोबार का लाइसेंस नहीं मिल सकेगा।
नई व्यवस्था में नगर निकाय अपने क्षेत्र में बिक्री के लिए पशुओं के वध का स्थान निर्धारित करेगा। निर्धारित स्थल के बाहर बिक्री के उद्देश्य से पशु वध नहीं किया जा सकेगा। इसी तरह मांस की दुकानों के लिए भी नगर निकाय स्थान तय करेगा। यानी केवल व्यावसायिक परिसर होना पर्याप्त नहीं होगा, दुकान निर्धारित क्षेत्र में ही होनी चाहिए।
सब्जी-मछली बाजार से अलग होगा बूचड़खाना
नियमावली के अनुसार बूचड़खाना या वध स्थल सब्जी, मछली और अन्य खाद्य बाजारों से अलग होना चाहिए। वहां दुर्गंध, धुआं, धूल और अन्य प्रदूषकों से मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना होगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक संबंधी प्रावधानों के साथ पशु क्रूरता निवारण (स्लॉटर हाउस) नियम, 2001 का पालन भी जरूरी होगा।
एनओसी से पहले होगा स्थल निरीक्षण
एनओसी के लिए संबंधित व्यक्ति को निर्धारित प्रपत्र में स्थानीय निकाय के पास आवेदन करना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद अधिकृत निरीक्षण दल प्रस्तावित स्थल का मौके पर निरीक्षण करेगा। टीम अपनी रिपोर्ट और अनुशंसा देगी। इसके बाद ही एनओसी जारी होगी। केवल नगर निकाय द्वारा पशु वध के लिए निर्धारित स्थान के भीतर आने वाले परिसरों को ही एनओसी दी जाएगी।
एनओसी की वैधता संबंधित लाइसेंस की अवधि तक रहेगी। लाइसेंस के नवीकरण के समय नया या अद्यतन एनओसी लेना होगा। प्रत्येक आवेदन पर 100 रुपये प्रसंस्करण शुल्क निर्धारित किया गया है।
8 तरह के दस्तावेज जरूरी
आवेदन के साथ टाइटल डीड, सेल डीड, लीज डीड अथवा म्यूटेशन संबंधी दस्तावेज, होल्डिंग मेमो या राजस्व लगान रसीद, किरायेदार होने पर किराया समझौता (रेंट एग्रीमेंट) या रसीद, आधार कार्ड, अद्यतन होल्डिंग टैक्स रसीद, ठोस कचरा प्रबंधन उपयोगकर्ता शुल्क की रसीद, दो पासपोर्ट आकार के फोटो, बूचड़खाना/मांस प्रसंस्करण इकाई/मांस दुकान का नक्शा और ठोस कचरा प्रबंधन योजना देनी होगी। नक्शे में परिसर का आकार और अलग-अलग गतिविधियों के लिए निर्धारित क्षेत्र का विवरण देना होगा।
गोवंश वध पर प्रतिबंध जारी
नियमावली में स्पष्ट किया गया है कि झारखंड में गोवंशीय पशुओं के वध पर लागू प्रतिबंध यथावत रहेगा। संबंधित अधिनियम, नियम और विभागीय आदेशों का पालन करना होगा।
रांची में लंबे समय से उलझा है बूचड़खाने का मामला
नई नियमावली ऐसे समय आई है, जब रांची में व्यवस्थित बूचड़खाने और मांस बाजार की व्यवस्था लंबे समय से सवालों में रही है। खुले और अनधिकृत तरीके से मांस बिक्री का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। राजधानी में व्यवस्थित स्लॉटर हाउस की कमी के बीच कई जगह मांस कारोबार असंगठित तरीके से चलता रहा है। बूटी मोड़ में नगर निगम की ओर से लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया मीट हाउस भी निर्माण के कुछ समय बाद बंद हो गया और लंबे समय से अपने मूल उद्देश्य में इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
नई नियमावली से अब नगर निकाय की भूमिका निर्णायक हो जाएगी। वह न केवल एनओसी और लाइसेंस की प्रक्रिया देखेगा, बल्कि बूचड़खाने और मांस दुकानों के लिए स्थान तय करने, स्थल का निरीक्षण, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नियमों के अनुपालन की निगरानी भी करेगा। इससे राज्य के शहरी क्षेत्रों में मांस कारोबार को व्यवस्थित करने और खुले व अनधिकृत कारोबार पर नियंत्रण की उम्मीद है।

