Home » Hemant Soren : बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन मामले में CM हेमंत सोरेन पर आज तय हो सकता है आरोप, विशेष अदालत में दोपहर साढ़े तीन बजे सुनवाई

Hemant Soren : बड़गाईं की 8.86 एकड़ जमीन मामले में CM हेमंत सोरेन पर आज तय हो सकता है आरोप, विशेष अदालत में दोपहर साढ़े तीन बजे सुनवाई

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हो सकते हैं मुख्यमंत्री, आरोप गठन और सुनवाई रोकने की याचिका पहले ही हो चुकी है खारिज

by Rakesh Pandey
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन के कथित फर्जीवाड़े और धनशोधन मामले में आज, 24 सितंबर को रांची की विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया पर सुनवाई होगी। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने मामले को दोपहर साढ़े तीन बजे के लिए निर्धारित किया है। अदालत ने मुख्यमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया है। तकनीकी समस्या के कारण 21 सितंबर को निर्धारित कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी थी, जिसके बाद अदालत ने 24 सितंबर की तारीख तय की थी।

मामला रांची के बड़गाईं अंचल की करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय ने जमीन से संबंधित कथित अनियमितताओं और धनशोधन के आरोपों की जांच की है। अब विशेष अदालत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़नी है। आरोप गठन की सुनवाई मामले की न्यायिक प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण चरण है।

आरोप गठन रोकने की हेमंत सोरेन की याचिका खारिज

इससे पहले विशेष पीएमएलए अदालत ने हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें आरोप गठन और आगे की सुनवाई की प्रक्रिया को स्थगित करने का आग्रह किया गया था। बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई थी कि मामले में आगे की जांच जारी है और पूरक शिकायत दाखिल किए जाने की संभावना के बीच आरोप गठन की प्रक्रिया को रोक दिया जाना चाहिए।

प्रवर्तन निदेशालय ने इस मांग का विरोध किया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी रहने का अर्थ यह नहीं है कि मूल शिकायत के आधार पर आरोप तय करने की प्रक्रिया रोक दी जाए। अदालत ने धनशोधन से जुड़े मामले में आगे की जांच और मूल शिकायत पर चल रही न्यायिक प्रक्रिया को अलग-अलग माना।

21 सितंबर को तकनीकी समस्या के कारण नहीं हो सकी थी पेशी

मुख्यमंत्री को पहले 19 सितंबर को विशेष अदालत में पेश होना था। उनके अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री की व्यस्तता का हवाला देते हुए उस दिन पेशी में असमर्थता जताई थी। इसके बाद अदालत ने 21 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की तारीख निर्धारित की थी।

21 सितंबर को मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी होनी थी, लेकिन अदालत में सर्वर से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद विशेष अदालत ने आरोप गठन के लिए 24 सितंबर की तारीख निर्धारित की। अब आज की सुनवाई में मुख्यमंत्री के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष उपस्थित होने की संभावना है।

झारखंड हाई कोर्ट से भी नहीं मिली कार्यवाही रोकने की राहत

बड़गाईं जमीन मामले में हेमंत सोरेन ने झारखंड हाई कोर्ट का भी रुख किया था। उन्होंने विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने और पेशी से राहत देने की मांग की थी। 18 सितंबर को हाई कोर्ट ने इस मामले में विशेष अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता खुला।

हाई कोर्ट में दाखिल याचिका का संबंध विशेष अदालत द्वारा हेमंत सोरेन की आरोपमुक्ति की मांग खारिज किए जाने से भी था। अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया था कि अभियोजन के लिए आवश्यक पूर्व स्वीकृति का सवाल मामले की कार्यवाही को प्रभावित करता है। हाई कोर्ट ने इस आधार पर विशेष अदालत की कार्यवाही रोकने की मांग स्वीकार नहीं की।

जून में खारिज हो चुकी है आरोपमुक्ति की याचिका

बड़गाईं जमीन से जुड़े धनशोधन मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने 8 जून 2026 को हेमंत सोरेन की आरोपमुक्ति की याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इस स्तर पर उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनना माना था। इसके बाद मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया की दिशा में सुनवाई आगे बढ़ी।

मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच के दौरान जमीन के कथित लेन-देन और अभिलेखों में अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की जांच की गई है। पूर्व राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद समेत कई लोगों का नाम इस मामले में सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय ने जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और अभिलेखों में हेरफेर से संबंधित आरोप लगाए हैं।

Read Also- Jharkhand Bandh : ब्रजेश गंझू की मौत के विरोध में TSPC का तीन दिवसीय बंद, झारखंड के सात जिलों में आज से दिख सकता असर

Related Articles

Leave a Comment