
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय के सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आत्मा गवर्निंग बॉडी और जिला खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन की कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई। बैठक में कृषि प्रसार योजनाओं को धरातल पर बेहतर तरीके से लागू करने, किसानों को नई तकनीक से जोड़ने और उत्पादन बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक की शुरुआत में जिला कृषि पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार ने कृषि प्रसार योजना के विभिन्न घटकों की जानकारी दी। उन्होंने अंतरराज्यीय प्रशिक्षण-भ्रमण, राज्य स्तरीय प्रशिक्षण, जिला स्तरीय प्रशिक्षण और खेत पाठशाला के आयोजन को लेकर रूपरेखा रखी।
भुवनेश्वर, कटक, भोपाल भेजे जाएंगे किसान
उपायुक्त ने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देने के लिए उन्हें बाहर प्रशिक्षण पर भेजा जाए। उन्होंने ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भुवनेश्वर, राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान कटक और भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान भोपाल में किसानों के अंतरराज्यीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण का निर्देश दिया। इससे किसान दूसरे राज्यों में अपनाई जा रही सफल तकनीकों को सीखकर अपने खेत में लागू कर सकेंगे और आय बढ़ा सकेंगे।राज्य के अंदर प्रशिक्षण के लिए किसानों को रामकृष्ण मिशन कृषि विज्ञान केंद्र रांची, बागवानी एवं कृषि अनुसंधान परिसर पलांडू, लाह अनुसंधान केंद्र नामकुम और टीआरसीएससी चांडिल भेजने को कहा गया।
महिला किसानों और ड्रोन तकनीक पर जोर
उपायुक्त ने जिला स्तरीय प्रशिक्षण में महिला किसानों को प्राथमिकता देने और खेती में ड्रोन तकनीक के उपयोग पर विशेष प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया, ताकि महिलाएं भी आधुनिक उपकरणों का लाभ ले सकें। साथ ही सभी प्रखंडों में मत्स्य पालन और फल उत्पादन से जुड़े प्रशिक्षण आयोजित करने को कहा गया, जिससे किसान खेती के साथ अन्य गतिविधियों से भी आमदनी बढ़ा सकें।
स्ट्रॉबेरी-ब्रोकली जैसी नगदी फसलों को बढ़ावा
खेत पाठशाला में स्ट्रॉबेरी और ब्रोकली जैसी ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलों को प्राथमिकता देने और इनकी सफलता की कहानियों को संकलित करने का निर्देश दिया गया, ताकि दूसरे किसान भी प्रेरित हों।राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत सरसों और तीसी के बीज वितरण के लिए क्लस्टर चयन और योग्य किसानों के खेत में फसल प्रत्यक्षण कराने को कहा गया। इसके लिए गोष्ठी और प्रशिक्षण आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया।
दलहनी फसलों के प्रत्यक्षण के लिए सभी प्रखंडों में क्लस्टर बनाने के निर्देश
दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन के तहत जिले को मिले चना, मसूर सहित अन्य दलहनी फसलों के प्रत्यक्षण के लिए सभी प्रखंडों में क्लस्टर बनाने को कहा गया। 50 प्रतिशत और 75 प्रतिशत अनुदान पर मिलने वाले दलहनी बीजों का लाभ ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए जिला सहकारिता पदाधिकारी को लैम्प्स के माध्यम से ड्राफ्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा आत्मा सहायता अनुदान योजना के तहत होने वाले प्रमंडलीय कृषि मेले के लिए कार्ययोजना बनाने और कृषि स्टार्टअप को मेले से जोड़कर आधुनिक उपकरणों और नई तकनीकों का प्रदर्शन कराने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन लक्ष्य के अनुसार हो और प्रशिक्षण, बीज वितरण और तकनीकी प्रदर्शन से किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिले, ताकि जिले में कृषि आधारित आजीविका मजबूत हो सके।

