
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में अंजुमन इस्लामिया के दूसरे चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। वर्तमान कमेटी ने आगामी चुनाव संपन्न कराने की पूरी जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से ‘अंजुमन इस्लामिया चुनाव आयोग’ के कंधों पर डाल दी है। इस कदम से संगठन में नए पदाधिकारियों के चयन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को चुनाव आयोग के सदस्यों की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें चुनाव आयोग के पुनर्गठन और चुनाव की पूरी रूपरेखा पर गहन मंथन किया जाएगा।
कार्यालय में सौंपी गई जिम्मेदारी
विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष सैयद शहजाद मंजर, सचिव बैरम खान और कोषाध्यक्ष मोहम्मद तौकीर ने स्थानीय कार्यालय में चुनाव आयोग के सदस्यों को आमंत्रित किया और उन्हें चुनाव संचालन का दायित्व सौंपा। इस औपचारिकता के बाद अब सभी की निगाहें रविवार को होने वाली बैठक पर टिकी हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करना है। इसके साथ ही आयोग के पुनर्गठन और भावी कार्ययोजना पर भी मुहर लगने की पूरी संभावना है।
15 अक्टूबर को पूरा होगा मौजूदा कार्यकाल
उल्लेखनीय है कि चक्रधरपुर अंजुमन इस्लामिया की वर्तमान कमिटी का तीन साल का कार्यकाल आगामी 15 अक्टूबर को पूरा हो रहा है। कार्यकाल की समय-सीमा नजदीक आते ही नई कमिटी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा चुनाव आयोग को अधिकार सौंपे जाने के बाद से सांगठनिक गतिविधियों में तेजी आ गई है।
साल 2023 में हुआ था पहला चुनाव
गौरतलब है कि चक्रधरपुर अंजुमन इस्लामिया का इतिहास का पहला चुनाव 16 सितंबर 2023 को संपन्न हुआ था। उस चुनाव के जरिए पांच मुख्य पदाधिकारी चुनकर आए थे। अब तीन साल का सफल कार्यकाल पूरा होने के बाद संगठन अपने दूसरे चुनाव की दहलीज पर है। इस बार होने वाले चुनाव से नई कमिटी का गठन होगा, जो आगामी वर्षों में संगठन की बागडोर संभालेगी।
फिलहाल, रविवार को आयोजित होने वाली चुनाव आयोग की यह विशेष बैठक चुनावी प्रक्रिया की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों के बाद चुनाव के तारीखों के ऐलान और अन्य प्रक्रियागत नियमों पर से पर्दा उठने की उम्मीद है। समुदाय के तमाम सदस्यों और संगठन से जुड़े लोगों की निगाहें अब इसी बैठक के परिणामों पर टिकी हुई हैं।

