
रांची : यदि आप कानून यानी लॉ के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल करने या किसी खास विषय पर गहराई से रिसर्च करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके बेहद काम की है। रांची स्थित प्रतिष्ठित नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ ने नए सत्र के लिए पीएचडी प्रोग्राम के दरवाजे खोल दिए हैं। संस्थान ने फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों ही कोर्सेज के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। जो भी उम्मीदवार इसमें दाखिला लेना चाहते हैं, वे बिना देर किए 31 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कोर्स की अवधि और कैंपस में उपस्थिति के नियम
एनएलयू रांची द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, फुल-टाइम पीएचडी कोर्स की कुल अवधि 3 वर्ष तय की गई है, जिसके तहत छात्रों को नियमित रूप से कैंपस में उपस्थित रहना होगा। वहीं, जो कामकाजी पेशेवर या शोधार्थी एक साथ नौकरी और पढ़ाई दोनों संभालना चाहते हैं, उनके लिए 4 साल का पार्ट-टाइम पीएचडी विकल्प भी उपलब्ध है। पार्ट-टाइम कोर्स करने वाले छात्रों को एक एकेडमिक वर्ष के दौरान कम से कम 30 दिनों तक कैंपस में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
शैक्षिक योग्यता और किन विषयों में मिलेगा मौका
इसके लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के पास न्यूनतम 55% अंकों के साथ एलएलएम की डिग्री होना अनिवार्य है। वहीं, एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग वर्ग के छात्रों के लिए अंकों की यह सीमा 50% रखी गई है।
इंटरडिसिप्लिनरी पीएचडी: लॉ के अलावा यदि आप दूसरे विषयों में रिसर्च करना चाहते हैं, तो इसके लिए अर्थशास्त्र, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और मैनेजमेंट जैसे विषय चुने जा सकते हैं। इसमें किसी भी विषय से पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया के दौरान नेट और जेआरएफ पास करने वाले अभ्यर्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
फीस और पहले सेमेस्टर की रूपरेखा
फुल-टाइम पीएचडी के लिए तीन साल का कुल शिक्षण शुल्क 6,41,500 रुपये तय किया गया है, जबकि इसके अलावा प्रति सेमेस्टर 23,500 रुपये मेस फीस अलग से देनी होगी। वहीं, पार्ट-टाइम पीएचडी का कुल शुल्क 7,10,000 रुपये निर्धारित किया गया है। दाखिला लेने वाले शोधार्थियों को पहले सेमेस्टर में रिसर्च मैथोडोलॉजी एंड लीगल राइटिंग, लॉ एंड जस्टिस इन ए ग्लोबलाइजिंग वर्ल्ड और कंपरेटिव पब्लिक लॉ जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहन पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
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