
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में सरकारी तंत्र और ठेकेदारों की जुगलबंदी का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। सरकारी गोदामों से राशन दुकानों तक गरीबों का अनाज पहुंचाने के नाम पर कागजों में ऐसा खेल खेला गया है, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए। जन वितरण प्रणाली के तहत अनाज ढोने के लिए जिन वाहनों की सूची सौंपी गई है, उसमें बड़ी-बड़ी गाड़ियों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों के नंबर दर्ज कर दिए गए हैं।
गिरिडीह में भी सरकारी राशन को डीलरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए ‘डोर स्टेप डिलीवरी’का टेंडर जारी किया गया था। ठेका हासिल करने के लिए ठेकेदारों को वाहनों की पूरी जानकारी और रजिस्ट्रेशन नंबर विभाग में जमा करना अनिवार्य होता है। गिरिडीह के कई प्रखंडों में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन जब जमा कराई गई गाड़ियों की सूची की पड़ताल की गई, तो बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया।
ट्रक की जगह रजिस्टर में लिख दी बाइक!
जांच में सामने आया कि बेंगाबाद प्रखंड में राशन आपूर्ति का ठेका पाने वाले ठेकेदार ने कुल 27 गाड़ियों की लिस्ट जमा की थी। इस लिस्ट में वाहन संख्या JH 11 AB – 3489 को महिंद्रा कंपनी का भारी मालवाहक वाहन बताया गया, जिसकी क्षमता 9,000 किलो से भी ज्यादा दर्ज की गई।
जब इस वाहन नंबर की असलियत जानने के लिए जिला परिवहन विभाग से संपर्क किया गया, तो चौंकाने वाला सच बाहर आया।
परिवहन अधिकारी के अनुसार, यह नंबर किसी ट्रक या पिकअप का नहीं, बल्कि गीता देवी नाम की महिला की सामान्य मोटरसाइकिल का है। इसी तरह अन्य प्रखंडों की सूचियों में दर्ज वाहन संख्या JH 10 CU – 7330 दरअसल एक स्कूटर है और JH 10 CU – 1115 एक होंडा साइन बाइक है। कागजों पर इन दोपहिया वाहनों को भारी अनाज ढोने वाला मालवाहक बताकर टेंडर हासिल कर लिया गया।
इस गड़बड़ी पर संबंधित ठेकेदार का कहना था कि सूची में बाइक का नंबर चला गया है और इसे महज एक ‘टाइपिंग मिस्टेक’ बताकर पल्ला झाड़ लिया। दूसरी ओर, जब इस बड़े फर्जीवाड़े पर आपूर्ति विभाग के संबंधित अधिकारी ने चुप्पी साध ली है।
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