
गिरिडीह : जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। धनवार प्रखंड के मनगसो गांव में रविवार की शाम दुर्गापूजा की तैयारियों के बीच एक छोटी सी लापरवाही या कहें कि दुर्भाग्यपूर्ण हादसे ने पूरे परिवार की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। मां दुर्गा के आगमन को लेकर घर में प्रसाद तैयार किया जा रहा था, तभी एक छोटे गैस सिलेंडर में लगी आग ने भयानक रूप ले लिया और जोरदार धमाके के साथ सब कुछ तबाह हो गया। इस हादसे में घर की बहू और उसकी पांच साल की मासूम भतीजी की जान चली गई।
प्रसाद बनाने के दौरान अचानक भड़की आग
रविवार की शाम करीब छह बजे का वक्त था। जरीसिंगा पंचायत के इस गांव में हर घर की तरह इस परिवार में भी दुर्गापूजा को लेकर उत्साह का माहौल था। घर की सदस्य कविता देवी (26) रसोई में पूजा के लिए प्रसाद बना रही थीं। इसी दौरान अचानक 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर से आग की लपटें उठने लगीं। चूल्हे के पास अचानक फैली इस आग को देख वहां मौजूद लोग घबरा गए और समझ नहीं पाए कि क्या करें।
बुझने का इंतजार कर रहे थे लोग, तभी हुआ बड़ा धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद लोग सिलेंडर के शांत होने या उसके बुझने का इंतजार कर रहे थे। परिवार के कुछ सदस्य और पड़ोसी घर के दरवाजे के पास ही खड़े थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगला पल उनके लिए कितना भयानक साबित होने वाला है। कुछ ही क्षण में सिलेंडर भीषण धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसकी चपेट में सीधे तौर पर कविता देवी और उनकी पांच साल की भतीजी सीतल कुमारी आ गईं।
मौके पर ही थम गईं मासूम की सांसें
विस्फोट इतनी अधिक शक्तिशाली थी कि छोटी बच्ची सीतल कुमारी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल कविता देवी को फौरन धनवार रेफरल अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने भी अंतिम सांस ले ली। धमाका इतना तेज था कि सिलेंडर उछलकर दरवाजे से जा टकराया।
त्योहार की उमंग खत्म, गांव मातम में डूबा
जिस घर में कुछ घंटे पहले तक पूजा के मंत्रों, भक्ति गीतों और पकवानों की खुशबू आ रही थी, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई। इस दोहरे हादसे ने न सिर्फ पीड़ित परिवार को अंदर से तोड़ दिया है, बल्कि पूरे मनगसो गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। दुर्गापूजा के उल्लास के बीच इस अनहोनी ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।
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