
Jamshedpur : शहर में अर्नब चक्रवात की आहट के बीच मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादल छा गए हैं और तेज हवा चलने से मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है। अचानक बदले मौसम ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शहर और आसपास के इलाकों में आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है।
मौसम में आए इस बदलाव के कारण लोगों को बारिश की संभावना की चिंता भी सता रही है। हालांकि, चक्रवात के प्रभाव, बारिश की संभावना और हवा की रफ्तार को लेकर मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें। तेज हवा के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और अस्थायी ढांचों के आसपास सावधानी बरतें। मौसम में आगे क्या बदलाव होगा, यह आने वाले घंटों में चक्रवात की स्थिति और स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम समेत कोल्हान में 27 अक्टूबर को येलो अलर्ट और 28 अक्टूबर को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की आशंका है। चक्रवाती तूफान के चलते स्कूलों में 28 और 29 अक्टूबर को छुट्टी हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब का असर, जमशेदपुर में 30 अक्टूबर तक हो सकती है तेज बारिश
बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से पूर्वी सिंहभूम जिले में 27 से 30 अक्टूबर तक तेज हवा, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका है। मौसम केंद्र, रांची से मिले पूर्वानुमान के बाद जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने नगर निकायों, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ), अंचल अधिकारियों (सीओ), थाना प्रभारियों और विद्युत विभाग के अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा है।
निचले इलाकों में बाढ़ और जलजमाव की आशंका
लगातार बारिश के कारण जिले के निचले इलाकों में जलजमाव होने और नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। तेज हवा और भारी बारिश से कच्चे मकानों, झुग्गी-झोपड़ियों तथा कमजोर दीवारों को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई गई है। वहीं, खरीफ फसलों, खासकर धान और सब्जियों को भी क्षति हो सकती है।
प्रशासन ने अधिकारियों को संवेदनशील और जलजमाव वाले स्थानों की पहचान कर एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया है। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने और आश्रय स्थलों को चिह्नित करने को कहा गया है। इन आश्रय स्थलों पर दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
बिजली व्यवस्था पर भी रहेगी नजर
खराब मौसम के दौरान विद्युत व्यवस्था से जुड़े संभावित खतरों को देखते हुए बिजली विभाग के अभियंताओं को सतर्क रहने और आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन की लोगों से अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को अनावश्यक रूप से जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वज्रपात के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा गया है। नदी-नालों और जलजमाव वाले क्षेत्रों के आसपास भी विशेष सतर्कता बरतने तथा आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की गई है।

