
Jamshedpur : जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने बुधवार को दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की सचिव अर्चना वर्मा से मुलाकात की है। उनसे मुलाकात कर मांग की गई है कि पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत केंद्रीय सहायता में शामिल किया जाए। केंद्र सरकार इस योजना को मदद दे।
सांसद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पटमदा- बोड़ाम इलाके की अनदेखी कर रही है। इलाके में तकरीबन 12000 हेक्टेयर का रकबा ऐसा है, जहां सिंचाई की दिक्कत है। सांसद ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साल 19 दिसंबर को केंद्रीय जल आयोग की स्क्रीनिंग कमेटी ने पटमदा-बोड़ाम और नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना की पड़ताल की थी। इन दोनों योजनाओं को मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना में शामिल करने का प्लान था। लेकिन 27 अक्टूबर साल 2026 को राज्य सरकार ने नीमडीह-कुकड़ू योजना को हरी झंडी दे दी है। नीमडीह-कुकड़ू इलाके में 600 करोड़ की लागत से नहर का जाल बिछाया जाएगा। लेकिन पटमदा-बोड़ाम की योजना अभी लटकी हुई है।
यह इलाका आदिवासी बहुल है। यहां कृषि लोगों का मुख्य पेशा है। इस इलाके में टमाटर के अलावा अन्य सब्जियां उगाई जाती हैं। चांडिल जलाशय लबालब भरा है। यहां से नहर को जोड़कर पटमदा-बोड़ाम के खेतों को भी पानी दिया जा सकता है।
लेकिन सांसद का आरोप है कि राज्य सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही है। सांसद ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के सचिव अर्चना वर्मा से मांग की है की पटमदा-बोड़ाम इलाके में लगभग 1000 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता मिले और इससे नहरों का जाल बिछाया जाए। ताकि किसानों को उसका फायदा हो और उनकी आमदनी दोगुनी हो।

