
Jamshedpur : मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (एमटीएमएच) ने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए अत्याधुनिक रिवोल्यूशन मैक्सिमा सीटी स्कैनर और डिजिटल एक्स-रे सिस्टम की शुरुआत की है। जीई हेल्थकेयर की इन उन्नत इमेजिंग प्रणालियों का उद्घाटन टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट सर्विसेज) डीबी सुंदरा रामम ने किया। इन नई सुविधाओं से कैंसर, हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक और आपातकालीन चिकित्सा से जुड़े मामलों में मरीजों को तेज, सटीक और बेहतर जांच की सुविधा मिलेगी।
अस्पताल में स्थापित रिवोल्यूशन मैक्सिमा सीटी स्कैनर जमशेदपुर में अपनी तरह का एकमात्र सिस्टम बताया गया है। यह 500-स्लाइस इक्विवेलेंट तकनीक और 32 सेंटीमीटर की विशेष कवरेज क्षमता से लैस है। इसकी मदद से कम समय में शरीर के विभिन्न अंगों की उच्च गुणवत्ता वाली इमेजिंग की जा सकेगी। इसकी एक बड़ी खासियत कम रेडिएशन एक्सपोजर के साथ बेहतर तस्वीरें उपलब्ध कराना है। जीई हेल्थकेयर की ASiR-V तकनीक जांच की आवश्यकता और मरीज की स्थिति के अनुसार रेडिएशन डोज को 82 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम है।
हृदय रोगों की जांच में मिलेगी विशेष सुविधा
नए सीटी स्कैनर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में उन्नत कार्डियक इमेजिंग शामिल है। इसके माध्यम से कुछ ही सेकंड में बिना इंजेक्शन के सीटी कैल्शियम स्कोर जांच की जा सकती है। इससे हृदय की धमनियों में कैल्शियम के जमाव का पता लगाने और भविष्य में हृदय रोग के जोखिम का आकलन करने में डॉक्टरों को मदद मिलेगी।
इसके अलावा, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी के जरिए बांह की नस में कॉन्ट्रास्ट डाई देकर हृदय की धमनियों में संकुचन और ब्लॉकेज की स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। इस तकनीक से कई मामलों में इनवेसिव कैथेटर आधारित जांच की आवश्यकता के बिना धमनियों की स्थिति का आकलन संभव होगा। तेज गति से घूमने वाले गैन्ट्री और आधुनिक मोशन-करेक्शन तकनीक के कारण धड़कते हुए हृदय की भी स्पष्ट तस्वीरें प्राप्त की जा सकेंगी।
कैंसर और आपातकालीन मामलों में भी उपयोगी
यह अत्याधुनिक सीटी स्कैनर केवल हृदय रोगों तक सीमित नहीं है। ब्रेन स्ट्रोक, दुर्घटना, आपातकालीन चिकित्सा, कैंसर तथा छाती, पेट और रक्त वाहिकाओं से संबंधित बीमारियों की जांच में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। इसमें इन-बिल्ट 3डी कैमरा लगाया गया है, जो जांच के दौरान मरीज की सही पोजिशन निर्धारित करने में मदद करता है। इससे अधिकांश स्कैन कुछ ही सेकंड में पूरे किए जा सकते हैं।
सिस्टम की 0.28 मिलीमीटर रिजॉल्यूशन क्षमता शरीर के ऊतकों की सूक्ष्म संरचनाओं को भी स्पष्ट रूप से देखने में सहायक है। इसकी ड्यूल एनर्जी तकनीक ब्रेन एंजियोग्राफी और मेटल आर्टिफैक्ट रिडक्शन जैसी विशेष जांचों में भी उपयोगी होगी।
डिजिटल एक्स-रे से जांच होगी अधिक सुरक्षित और प्रभावी
सीटी स्कैनर के साथ अस्पताल में अत्याधुनिक डिजिटल एक्स-रे सिस्टम भी शुरू किया गया है। इसमें ऑटोमैटिक स्टिचिंग, पोजिशनिंग और ट्रैकिंग के साथ रिमोट कंट्रोल की सुविधा उपलब्ध है। इससे जांच की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, तेज और सुविधाजनक होगी।
इस सिस्टम में फ्लोरोस्कोपी, डिजिटल स्पॉट इमेजिंग, हाई-रिजॉल्यूशन एक्स-रे और सिने मोड जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। साथ ही ड्यूल एनर्जी इमेजिंग और इन-बिल्ट एंटी-कोलिजन सेफ्टी सिस्टम भी दिया गया है, जो मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करेगा।उद्घाटन के अवसर पर डीबी सुंदरा रामम ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और उपचार के उत्कृष्ट परिणाम उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा तकनीकों और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरंतर आधुनिकीकरण जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नई इमेजिंग प्रणालियों के जुड़ने से मेहरबाई टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल की उच्च गुणवत्ता वाली और मरीज-केंद्रित डायग्नोस्टिक सेवाओं को और मजबूती मिलेगी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीकों की शुरुआत नवाचार, सटीक निदान और बेहतर उपचार परिणामों के माध्यम से विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। हालांकि, सीटी कैल्शियम स्कोरिंग और सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी सहित सभी सीटी जांच योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही कराई जानी चाहिए। जांच की आवश्यकता का निर्णय मरीज की चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर डॉक्टर करेंगे।

