
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर अंतर्गत टोकलो चौक पर स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को हटाए जाने के बाद आदिवासी मुंडा समाज में गहरा गुस्सा है। इस मामले में समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और उसी जगह पर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा की दोबारा स्थापना की पुरजोर मांग की गई है।
असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि टोकलो थाना क्षेत्र के टोकलो चौक पर स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को कुछ उपद्रवियों द्वारा क्षतिग्रस्त कर वहां से हटा दिया गया है। यह प्रतिमा क्षेत्र के लोकप्रिय नेता रहे पूर्व सांसद सह पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वर्गीय लक्ष्मण गिलुवा के कार्यकाल में स्थापित की गई थी।
आदिवासी समाज की भावनाएं आहत
मुंडा समाज के प्रतिनिधियों ने इस घटना को बेहद निंदनीय करार देते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सिर्फ आदिवासी समुदाय के ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के मान-सम्मान, स्वाभिमान और स्वतंत्रता आंदोलन के महान प्रतीक हैं। उन्होंने जल, जंगल, जमीन और अपनी संस्कृति की हिफाजत के वास्ते अपना जीवन समर्पित कर दिया था। समाज का साफ कहना है कि इस तरह की हरकत से स्थानीय निवासियों और पूरे आदिवासी समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
प्रशासन से त्वरित कदम उठाने की अपील
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि वे इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दें। साथ ही, इस कृत्य में संलिप्त असामाजिक तत्वों को जल्द बेनकाब कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को पूरे मान-सम्मान के साथ पूर्ववत स्थान पर पुनः स्थापित कराया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में समाज के संरक्षक रामलाल मुंडा, अध्यक्ष श्याम सिंह मुंडा, सचिव विजय नाग, संतोष मुंडा, अर्जुन मुंडा, रामचरण सामंत, महेश मुंडा, मिथलेश केराई, सूरज मुंडा, करम सिंह मुंडा, सुरेश भुमिज, बसंत हांसदा समेत कई गणमान्य सदस्य शामिल थे।

