
चाईबासा : सेल (SAIL) की किरीबुरू और मेघाहातुबुरू खदानों में कार्यरत मजदूरों की लंबित समस्याओं को लेकर संयुक्त यूनियनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रबंधन के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की। किरीबुरू के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) एमपी शिवपुरकर एवं मेघाहातुबुरू के सीजीएम एसके सिंह की उपस्थिति में आयोजित इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कर्मचारी प्रतिनिधियों ने खदान कर्मियों और ठेका मजदूरों से जुड़ी विभिन्न जटिलताओं को गंभीरता से रेखांकित किया।
वार्ता के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने हेतु वाहन चालकों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त, अनुबंध पर कार्यरत अधिकांश मजदूरों को अब तक नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) प्रदान न किए जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए उन्हें अविलंब नियुक्ति पत्र निर्गत करने का आग्रह किया गया।स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर ध्यान केंद्रित करते हुए यूनियनों ने किरीबुरू स्थित सेल अस्पताल में नई एम्बुलेंस की सेवा शुरू करने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति करने, दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधाओं में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के अविलंब निराकरण का मुद्दा उठाया। वहीं, सिविल विभाग की शिथिल कार्यशैली पर रोष प्रकट करते हुए मजदूर आवासों (क्वार्टरों) के जीर्णोद्धार एवं आवश्यक मरम्मत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने पर बल दिया गया।
मांगों के स्थाई समाधान हेतु संयुक्त यूनियनों ने सेल निदेशक के साथ बोकारो में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने की मांग रखी, जिस पर प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि जल्द ही बोकारो में निदेशक स्तर की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी।बैठक के समापन पर मजदूर नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि छठ पर्व से पूर्व उनकी वाजिब मांगों पर ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो छठ पूजा के उपरांत किरीबुरू खदान में अनिश्चितकालीन ‘चक्का जाम’ आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। इससे उत्पन्न होने वाली समस्त औद्योगिक अशांति की जिम्मेदारी सेल प्रबंधन की होगी।इस महत्वपूर्ण वार्ता में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे सहित आफताब आलम, इंतेकाब आलम, राजेंद्र सिंधिया और सुनील पासवान प्रमुख रूप से शामिल थे।

