
Jamshedpur : टाटा स्टील के कर्मचारियों को अब कैंटीन में नाश्ते और भोजन के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने से राहत मिलने की उम्मीद है। कंपनी की सेंट्रल कैंटीन में 16 नवंबर से नया मेनू लागू किया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों को महज 2.50 रुपये में पोहा, ढोकला, मूंग दाल चीला और ओट्स उपमा जैसे पौष्टिक नाश्ते मिलेंगे। वहीं, ग्रीन टी और ब्लैक कॉफी की कीमत मात्र 1.50 रुपये रखी गई है। दोपहर के भोजन की दरें भी सब्सिडी के साथ निर्धारित की गई हैं।
कैंटीन में भीड़ और लंबी कतारों की समस्या दूर करने के लिए प्री-बुकिंग व्यवस्था शुरू करने की भी तैयारी है। इससे कर्मचारी पहले ही अपना नाश्ता बुक कर सकेंगे और उन्हें भोजन लेने के लिए अधिक समय इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
कैंटीन की अव्यवस्था को लेकर कैंटीन कमेटी के वाइस चेयरमैन सह टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज ने यूनियन नेतृत्व को पत्र लिखकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने 26 अक्टूबर को यूनियन अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी को पत्र देकर व्यवस्था में सुधार की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि सुधार नहीं होने पर वे 15 दिनों के भीतर यानी 7 नवंबर तक अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद कैंटीन कमेटी की बैठक में नए मेनू, प्री-बुकिंग और भीड़ नियंत्रण सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
5 से 10 मिनट में नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य
डब्ल्यूजीओ कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित सेंट्रल कैंटीन मैनेजिंग कमेटी की बैठक में नए मेनू और सब्सिडी दरों को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता चीफ एचआरएम सह कमेटी के चेयरमैन यशवंत पांडे ने की। बैठक में कर्मचारियों के समय की बचत और कैंटीन में भीड़ कम करने पर विशेष जोर दिया गया।
कमेटी ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि कर्मचारियों को टोकन लेने और भोजन प्राप्त करने में पांच से दस मिनट से अधिक इंतजार नहीं करना पड़े। इसके लिए नाश्ते की प्री-बुकिंग व्यवस्था को अधिक से अधिक अपनाने की अपील की जाएगी। वहीं, कैंटीन संचालन को डेटा आधारित और व्यवस्थित बनाने के लिए आईटी मैनेजर की नियुक्ति की मांग भी उठाई गई।
2 रुपये से 4 रुपये तक में मिलेंगे नाश्ते के विकल्प
नए मेनू में कर्मचारियों के लिए कई तरह के नाश्ते शामिल किए गए हैं। घुघनी और झालमुड़ी-भेलमुड़ी मात्र 2 रुपये में उपलब्ध होगी। वहीं, 2.50 रुपये में पोहा, ढोकला, दाल पकोड़ा, मेदू वड़ा, मूंग दाल चीला, स्टीम्ड शकरकंद, दलिया उपमा, ओट्स उपमा, सेवई उपमा और उबला चना-राजमा मिलेगा।
इसके अलावा स्प्रिंग अनियन पकोड़ा 3.50 रुपये, दाल पूरी की प्लेट 3.50 रुपये और लिट्टी 4 रुपये में मिलेगी। पोहा और घुघनी का कॉम्बो 5.25 रुपये में उपलब्ध होगा।
चाय-कॉफी के शौकीनों के लिए भी किफायती विकल्प रखे गए हैं। ब्लैक कॉफी और ग्रीन टी 1.50 रुपये, जबकि मिल्क कॉफी 2 रुपये में मिलेगी।
5.25 रुपये से शुरू होगा दोपहर का भोजन
कर्मचारियों के लिए लंच की दरें भी सब्सिडी के आधार पर तय की गई हैं। हाफ लंच वेज की कीमत 5.25 रुपये, सिंगल एग वाला हाफ लंच 8.75 रुपये और डबल एग वाला हाफ लंच 14.50 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, एक्स्ट्रा लंच डबल एग के लिए 20 रुपये देने होंगे।
भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए बनेगी विशेष कमेटी
कैंटीन में सिर्फ मेनू और कीमतों में बदलाव ही नहीं, बल्कि भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें सेंट्रल कैंटीन कमेटी के चीफ, हेड और सदस्य शामिल होंगे। यह कमेटी समय-समय पर भोजन की गुणवत्ता की जांच करेगी, ताकि कर्मचारियों को प्रतिदिन बेहतर और एक जैसी गुणवत्ता वाला भोजन मिल सके।
बैठक में कमेटी के वाइस चेयरमैन सह टाटा वर्कर्स यूनियन के सहायक सचिव नितेश राज, चीफ पंकज कुमार, चीफ सेंटर प्लांट पीके चौधरी, हेड इंजीनियरिंग विक्रम, कैंटीन हेड रिचा केडिया, सीनियर मैनेजर शौकत खान, मैनेजर प्रकाश गोस्वामी, कमेटी मेंबर उदय कुमार, विजय कुमार सिंह, विमल कुमार, शैलेंद्र राय, राकेश कुमार सिंह, अमोलक सिंह, राज कुमार, सुमन कुमार और संतोष कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कर्मचारियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
- 16 नवंबर से कम कीमत पर नाश्ते और लंच के नए विकल्प।
- प्री-बुकिंग से लंबी कतारों और इंतजार से राहत।
- पांच से दस मिनट के भीतर टोकन और भोजन उपलब्ध कराने का लक्ष्य।
- आईटी मैनेजर की नियुक्ति से कैंटीन व्यवस्था को डेटा आधारित बनाने की तैयारी।
- विशेष मॉनिटरिंग कमेटी के जरिए भोजन की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी।

