
रांची : सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड में पदस्थापित पंचायत सचिव सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी दीपक साहू को एसीबी की टीम ने 15 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ दबोच लिया। गिरफ्तारी के तुरंत बाद एसीबी की टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ रांची ले आई।
जानकारी के मुताबिक, बोलबा प्रखंड के समसेरा गांव में कल्याण विभाग की तरफ से सरना घेराबंदी का काम चल रहा था। इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 25 लाख रुपये है। इसी योजना के तहत काम पूरा होने के बाद पैसे के भुगतान के लिए जब फाइल आगे बढ़ानी थी, तो पंचायत सचिव दीपक साहू ने कुल राशि का तीन प्रतिशत कमिशन बतौर रिश्वत मांगा।
दौड़-दौड़कर थक गए थे ग्रामीण
लाभुक समिति के अध्यक्ष पुरनचंद प्रधान और सचिव अनीता ने बताया कि वे अपने काम का भुगतान पाने के लिए कई दिनों से प्रखंड कार्यालय का चक्कर काट रहे थे, लेकिन अधिकारी सुनने को तैयार नहीं थे। आरोप है कि मजबूरी में उन्होंने 3 नवंबर को 5 हजार और इसके बाद 6 नवंबर को 10 हजार रुपये यानी कुल 15 हजार रुपये दे भी दिए थे। फिर भी अधिकारी का मन नहीं भरा और कमीशन की पूरी रकम न मिलने पर फाइल दबाकर बैठ गए।
तंग आकर की एसीबी से शिकायत
अधिकारियों की इस मनमानी से तंग आकर लाभुक समिति ने चुप बैठने के बजाय सीधे रांची स्थित एसीबी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया और लिखित शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत जाल बिछाया और पंचायत सचिव को रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ धर दबोचा।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद एसीबी के डीएसपी ने कहा है कि यदि सरकारी महकमों में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आम जनता से रिश्वत मांगकर परेशान करता है, तो एसीबी उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर सामने आएं और ऐसी किसी भी मांग की शिकायत बेझिझक एसीबी से करें।
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