नई दिल्ली, सेंट्रल डेस्क: यूपी के प्रतापगढ़ के कुंडा विधायक राजा भैया के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। डीएसपी जिया उल हक की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई (CBI) को जांच करने के लिए आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसडीएम (SDM) की रिपोर्ट को मान्यता देते हुए सीबीआई को मामले की जांच करने का आदेश दिया है, और इसे तीन महीने के अंदर पूरा करने का आदेश दिया है।
डीएसपी जिया उल हक की हत्या मामले की पृष्ठभूमि
मामला 2013 का है। प्रतापगढ़ में तत्कालीन डीएसपी (DSP) जिया उल हक की हत्या कर दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले के मामले में कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह, जिन्हें राजा भैया के नाम से भी जाना जाता है, की भूमिका की जांच का सीबीआई (CBI) को आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश अनिरुद्ध बोस और बेला एम त्रिवेदी ने डीएसपी की पत्नी परवीन आजाद की ओर से दायर याचिका पर फैसला दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दी थी पिछले क्लोजर रिपोर्ट की मान्यता
आपको बता दे की पिछले साल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को मान्यता देने वाले आदेश को रद्द कर दिया था। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसमें राजा भैया और उनके चार साथियों के खिलाफ सीबीआई (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए जांच जारी रखने का आदेश था।
सीबीआई की जांच के बाद अब क्या?
यह सीबीआई की जांच का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है जिसमें राजा भैया की भूमिका की जांच होगी। इसके परिणामस्वरूप, इस मामले में न्याय मिल सकता है और इसके आसपास के सभी प्रमुख चरणों में नई खबरें हो सकती हैं। सीबीआई की जांच से इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। यह जांच अबतक के केस की स्थिति को बदल सकती है और न्याय की दिशा में नए दृश्य खोल सकती है।

