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बिहार के बेटे का कमाल, Google में मिला 2 करोड़ का पैकेज

गूगल में शामिल होने से पहले, उन्होंने रू 1.08 करोड़ वेतन पर अमेजन में काम किया और फिर एक जर्मन कंपनी के लिए काम किया। अभिषेक दिन में 8-9 घंटे काम करते थे और अपना खाली समय कोडिंग और इंटरव्यू के सवालों का अभ्यास करने में बिताते थे।

by Rakesh Pandey
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जमुई/पटना: लगन और मेहनत करते हुए अगर किस्मत साथ दे जाए तो बड़ा से बड़ा मुकाम हासिल हो सकता है। फिर सुविधाएं और परिस्थितियां बहुत मायने नहीं रखती। गूगल जैसी बड़ी कंपनियों में काम करें, यह लोगों का सपना होता है, हालांकि हर किसी को यह मौका नहीं मिलता है। इसी कड़ी में बिहार के एक छोटे से गांव में रहने वाले अभिषेक कुमार ने अपनी मेहनत और लगन से प्रयास कर इस मुकाम को हासिल कर लिया है। इस मुकाम के बाद इन दिनों अभिषेक कुमार पूरे बिहार में चर्चा में है। इनकी सफलता के बाद यह साफ हो गया है कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह छोटे शहर से हो या बड़े शहर से, कड़ी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

गूगल के लंदन ऑफिस में ज्वाइन करेंगे
अभिषेक एक कंप्यूटर इंजीनियर हैं और उनको गूगल में दो करोड़ का पैकेज मिला है। वह गूगल के लंदन ऑफिस को अक्टूबर में ज्वाइन करेंगे। अभिषेक का गूगल तक का सफर बेहद शानदार रहा। अभिषेक के घर में हमेशा से ही शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गयी है।

अभिषेक की शिक्षा और करियर
अभिषेक ने अपने जमुई से पढ़ाई की और बाद में एनआईटी पटना से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में बीटेक पूरा किया। गूगल में शामिल होने से पहले, उन्होंने रू 1.08 करोड़ वेतन पर अमेजन में काम किया और फिर एक जर्मन कंपनी के लिए काम किया।

सफल होने के लिए कड़ी मेहनत

अभिषेक के लिए फुल-टाइम जॉब और गूगल इंटरव्यू की तैयारी के बीच संतुलन बनाना मुश्किल था। वह दिन में 8-9 घंटे काम करते थे और अपना खाली समय कोडिंग और इंटरव्यू के सवालों का अभ्यास करने में बिताते थे।

संघर्षो का सामना करते हुए भी शिक्षा पर किया ध्यान केंद्रित
अभिषेक जमुई जिले के जामू खरिया गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता इंद्रदेव यादव जमुई सिविल कोर्ट में वकील हैं और उनकी मां मंजू देवी एक गृहिणी हैं। वह एक छोटे से गांव से आते हैं और उनको परिजनों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं सहित कई संघर्षों का सामना करना पड़ा। उन्होंने शिक्षा पर ध्यान केंद्रित किया। इसके साथ ही उनका मानना था कि इससे उनके परिवार का जीवन बेहतर होगा और अब वह उनके लिए एक नया घर बनाने में मदद कर रहे हैं।

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