नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कुछ लोग जातिवाद की राजनीति के जरिए देश में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस प्रकार की साजिशों को विफल किया जाना चाहिए, खासकर ग्रामीण इलाकों में जहां सामाजिक सद्भाव बनाए रखना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इन विचारों को ग्रामीण भारत महोत्सव के उद्घाटन के दौरान साझा किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में गांवों का अहम योगदान होगा।
जातिवाद के खतरे से भारत को बचाना जरूरी
मोदी ने बिना किसी विशेष व्यक्ति का नाम लिए हुए कहा, “कुछ लोग जातिवाद की राजनीति का जहर फैलाकर देश में शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इसके खिलाफ एकजुट होकर काम करना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की शांति और सद्भाव की विरासत को हमें मजबूत करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के बाद से ग्रामीण विकास के लिए उठाए गए कई कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब ग्रामीण भारत में गरीबी दर में काफी कमी आई है। एसबीआई की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 2012 में जहां ग्रामीण भारत में गरीबी दर 26 प्रतिशत थी, वह अब घटकर 5 प्रतिशत से भी नीचे आ गई है।
ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की योजनाएं
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान ग्रामीण भारत को नजरअंदाज किया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने गांवों को सशक्त बनाने की दिशा में कई पहल की हैं। मोदी का कहना था कि उनकी सरकार अब उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिन्हें पहले उपेक्षित किया गया था।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का योगदान
इस अवसर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी संबोधित करते हुए बताया कि बैंकों ने प्रधानमंत्री जन धन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 16 सरकारी योजनाओं के लिए संतृप्ति अभियान चलाया है। यह योजनाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक स्थिरता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई हैं।
ग्रामीण भारत की समृद्धि में महोत्सव की भूमिका
ग्रामीण भारत महोत्सव में चर्चाएँ, कार्यशालाएँ और विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुधारना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्थाएँ बनाना और नवाचार को बढ़ावा देना होगा। इस महोत्सव के माध्यम से विशेष ध्यान पूर्वोत्तर भारत की ग्रामीण आबादी पर दिया जाएगा, ताकि वहाँ आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता बढ़ सके। प्रधानमंत्री मोदी के इस उद्घाटन से यह स्पष्ट हुआ कि आने वाले समय में ग्रामीण भारत को और भी सशक्त और समृद्ध बनाने के लिए उनकी सरकार लगातार काम करेगी।
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